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राजस्थान: MLA का फेक वीडियो बनाने वाले का सम्मान वापस,MLA ऋतु बनावत के सवालों के बाद कलेक्टर की सख्ती

राजस्थान: MLA का फेक वीडियो बनाने वाले का सम्मान वापस,MLA ऋतु बनावत के सवालों के बाद कलेक्टर की सख्ती

संक्षेप:

बाड़मेर में बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत से जुड़े डीपफेक वीडियो मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किए गए आरोपी दिनेश मांजू का सम्मान आखिरकार वापस ले लिया गया है।

Jan 30, 2026 11:56 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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बाड़मेर में बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत से जुड़े डीपफेक वीडियो मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किए गए आरोपी दिनेश मांजू का सम्मान आखिरकार वापस ले लिया गया है। विवाद बढ़ने के बाद बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गुरुवार रात आदेश जारी करते हुए सम्मान निरस्त करने के साथ ही इस चूक के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ जांच और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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दरअसल, गणतंत्र दिवस के अवसर पर बाड़मेर जिला प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 113 लोगों की सूची जारी की थी। इसी सूची में वन्य जीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले दिनेश मांजू का नाम भी शामिल था। 26 जनवरी को आदर्श स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में मंत्री के. के. विश्नोई ने दिनेश मांजू को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।

हालांकि, दिनेश मांजू का नाम सामने आते ही मामला विवादों में घिर गया। दिनेश मांजू पर बयाना थाने में विधायक ऋतु बनावत से जुड़े डीपफेक वीडियो मामले में FIR दर्ज है। इस पर विधायक ऋतु बनावत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए बाड़मेर जिला प्रशासन और पूरे सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए।

विधायक ऋतु बनावत ने उठाए गंभीर सवाल

विधायक ऋतु बनावत ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को सम्मानित किया गया है, जो उन पर डीपफेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के गंभीर आरोपों में नामजद है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत उन्होंने एडीजी क्राइम दिनेश एमएन को दी थी। मामले में कुछ सहयोगी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी दिनेश मांजू अब तक गिरफ्त से बाहर है।

ऋतु बनावत ने कहा, “ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करना बेहद गंभीर विषय है। सवाल यह है कि आखिर उसकी सिफारिश किसने की?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी दबिश के दौरान फरार हो गया था, इसके बावजूद उसे उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

महिलाओं की स्थिति पर जताई चिंता

विधायक ऋतु बनावत ने इस पूरे प्रकरण को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि हमारे देश में कहा जाता है ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवताः’, लेकिन आज महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सदन के नारे ‘सशक्त नारी—हमारी जिम्मेदारी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि एक सशक्त महिला, जो निर्दलीय चुनाव लड़कर बड़े अंतर से जीतती है, उसी के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने इसे केवल अपनी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कहानी बताया।

कलेक्टर टीना डाबी का एक्शन

विवाद बढ़ने के बाद बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गुरुवार रात आदेश जारी कर दिनेश मांजू को दिया गया सम्मान वापस ले लिया। कलेक्टर ने बताया कि दिनेश मांजू का आवेदन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर स्वीकार किया गया था। हालांकि, समिति के समक्ष उसके खिलाफ दर्ज पुलिस प्रकरण से संबंधित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।

टीना डाबी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच के निर्देश भी दिए हैं।

दो साल पुराना है डीपफेक वीडियो मामला

गौरतलब है कि 1 जनवरी 2024 को विधायक ऋतु बनावत ने खुलासा किया था कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और फोटो के साथ एक अश्लील डीपफेक वीडियो वायरल किया जा रहा है। शुरुआत में उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन लगातार कॉल आने के बाद उन्होंने भरतपुर एसपी को सूचना दी और बयाना थाने में मामला दर्ज कराया। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भी लिखित शिकायत दी गई थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और X पर यह वीडियो मांजू दिनेश, रिंकू चौधरी और बीजल खान नाम के अकाउंट से रील के रूप में शेयर किया गया था। वीडियो को अलग-अलग कैप्शन के साथ साझा किया गया, जिसमें कभी उन्हें डीडवाना विधायक तो कभी लोकसभा की चौकीदार बताकर पेश किया गया।

अब आरोपी का सम्मान वापस लिए जाने और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासनिक जांच के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma
इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में पिछले 5 साल का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान से पहले, जी राजस्थान, महानगर टाइम्समें सेवा दे चुके हैं। राजस्थान विश्विद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। गुलाबी नगरी जयपुर में ही जन्म हुआ। राजस्थान की राजनीति और समृद्ध कला, संस्कृति पर लिखना पसंद है। और पढ़ें

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