तेज अंधड़ और बारिश से राजस्थान में 2 मौतें, भरतपुर-भीलवाड़ा में हादसे, 22 जिलों में अलर्ट
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम से मौसम ने करवट ली और तेज अंधड़, बारिश तथा बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया।

राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम से मौसम ने करवट ली और तेज अंधड़, बारिश तथा बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। भरतपुर और भीलवाड़ा में अंधड़ से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर पेड़, टिनशेड और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए। राजधानी जयपुर में रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 22 जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
अंधड़ से दो लोगों की गई जान
भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के झोरोल गांव में गुरुवार देर रात तेज आंधी के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई। हादसे में 55 वर्षीय इंद्रा देवी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि उनका दिव्यांग बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों दीवार के सहारे बैठे हुए थे, तभी तेज अंधड़ के कारण दीवार अचानक गिर गई।
वहीं भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया उपखंड क्षेत्र में भी तेज आंधी और बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हुआ। जाबदा गांव निवासी 45 वर्षीय देवीलाल धाकड़ घर के बरामदे में पानी पी रहे थे। इसी दौरान अंधड़ में उड़कर आई लोहे की चादर उनके गले पर लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। क्षेत्र में एक फल विक्रेता भी घायल हुआ है, जिसके सिर पर दुकान का दरवाजा गिर गया।
कई जिलों में अंधड़ और बारिश का असर
गुरुवार दोपहर बाद प्रदेश के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। झुंझुनूं, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। हनुमानगढ़ के नोहर और चूरू के तारानगर क्षेत्र में तूफानी बारिश दर्ज की गई।
भीलवाड़ा के धनवाड़ा गांव में एक भैंस पर उड़कर आई लोहे की चादर गिरने से उसकी भी मौत हो गई। अंधड़ और बारिश के कारण कई जगहों पर टिनशेड उड़ गए, पेड़ धराशायी हो गए और बिजली के तार टूटने से आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजोलिया क्षेत्र में मालीपुरा पुलिया के पास सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
जयपुर में रातभर बारिश, सुबह तक छाए रहे बादल
राजधानी जयपुर में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर बारिश होती रही। सांगानेर, प्रतापनगर, सीतापुरा और वाटिका सहित कई इलाकों में सुबह तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। शहर में सुबह से घने बादल छाए रहे और सूरज के दर्शन नहीं हुए। मौसम सुहावना होने के बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का असर महसूस किया गया।
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बढ़ी उमस
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून भले ही जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो चुकी हैं। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में वातावरण में नमी बढ़ने लगी है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में दिन के समय आर्द्रता का स्तर 50 से 70 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया। बादलों की आवाजाही के कारण धूप का असर कम रहा, लेकिन उमस ने लोगों को परेशान किया।
22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य में 7 जून तक आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है। शुक्रवार के लिए 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 8 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने तेज हवाओं, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
श्रीगंगानगर रहा सबसे गर्म
बारिश और बादलों के बावजूद पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में गर्मी का असर बना रहा। गुरुवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 43.2, जैसलमेर में 43, फलोदी में 42.8, पिलानी में 42.9, बीकानेर में 42, बाड़मेर में 41.9, फतेहपुर में 41.2 और जोधपुर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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