
राजस्थान में भांजे की शादी में 6 सरपंच मामा ने मायरा में भरा 1.21 करोड़ कैश
भरतपुर के बयाना में गुरुवार को ऐसा मायरा भरा गया कि लोग बोले भाई साहब, ये शादी है या नोटों का पर्व?” नर्सिंग ऑफिसर भांजे प्रवीण सिंह की शादी में मामा जी इतने ‘ओवर-इमोशनल’ हुए कि सीधे 1 करोड़ 21 लाख 101 रुपए कैश भात में उड़ेल दिए।
राजस्थान के भरतपुर बयाना में गुरुवार को ऐसा मायरा भरा गया कि लोग बोले भाई साहब, ये शादी है या नोटों का पर्व?”
नर्सिंग ऑफिसर भांजे प्रवीण सिंह की शादी में मामा जी इतने ‘ओवर-इमोशनल’ हुए कि सीधे 1 करोड़ 21 लाख 101 रुपए कैश भात में उड़ेल दिए। और हां, नोटों के साथ रिश्तेदारी की इज्जत भी चमकती दिखी—क्योंकि ये मायरा भरतपुर में अब तक का सबसे मोटा बताया जा रहा है।
10 दिसंबर की शाम बयाना के शादी स्थल पर अलग ही नजारा था।
प्रवीण के 6 मामा और नाना भात भरने पहुंचे थे। किसी के हाथ में झोली थी, किसी में बैग, और किसी ने तो जैसे नोटों की बरसात का इंतजाम कर रखा था।
• वेदराम और सुग्रीव—अहमदाबाद के ट्रांसपोर्ट टाइकून
• भीम सिंह—गांव नांगल दुर्गसी के सरपंच
• बनय सिंह—सरकारी टीचर
• दो मामा—खेती-किसानी के उस्ताद
इन सबने मिलकर ऐसा मायरा भरा कि नोट गिनने वाले मशीन वाले भी शरमा जाएं।
प्रवीण सिंह (27) UP के PJI लखनऊ में नर्सिंग ऑफिसर हैं। घर में तीन भाई और तीनों लाइन से सरकारी-टेक्निकल प्रोफेशन में!
• प्रवीण – नर्सिंग ऑफिसर
• सौरव – दिल्ली AIIMS में नर्सिंग ऑफिसर
• मयंक – इंजीनियर
पिता हेमंत देहरादून के हिमालयन हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी और दादा बनय सिंह — पूर्व सरपंच व सीनियर वकील।
मतलब पूरी फैमिली “सेवा + शिक्षा + सोशल स्टेटस” का परफेक्ट कॉम्बो पैक।
कार्यक्रम में जब 1.21 करोड़ का मायरा स्टेज पर रखा गया तो गांव-देहात की महिलाएं बोलीं एतो मायरो नहीं, मामा जी ने तो पूरा बजट ही पास कर दिया।
बच्चे उछल-उछलकर गिनने की कोशिश करते रहे, बड़े मोबाइल पर वीडियो बनाते रहे और बुजुर्ग सिर्फ मुस्कुरा कर बोले
“देख्यो, आज भी बहन की इज्जत भात में ही तौली जाती है।”
राजस्थान में मायरा यानी बहन के बच्चों की शादी में ननिहाल की तरफ से इज्जत, प्यार और सहयोग का बड़ा पैकेज।
इसमें
• कपड़े, जेवर,
• रुपए-पैसे,
• ससुराल पक्ष के लिए भी गिफ्ट,
सब शामिल होता है।
बड़ों का मानना है कि भले ही कानून बेटों-बेटियों को बराबर अधिकार देता है, लेकिन ज्यादातर बहनें मायके की जायदाद में हिस्सा नहीं मांगतीं।
उनके इस त्याग की मिठास भाइयों के मायरे से पूरी होती है—और कभी-कभी बहुत ज्यादा पूरी होती है, जैसे इस बार!
बयाना के लोग आज सुबह तक यही चर्चा करते मिले मामा जी ने तो राजा-महाराजाओं वाली रस्म कर दी।”
“इतना मायरा तो सुना था, देखा पहली बार!”
“अब बाकी मामा लोग भी प्रैक्टिस में लग जाएंगे।”
प्रवीण और रेखा की शादी से पहले ही पूरा इलाका हाईलाइट में आ गया। जिसकी जेब में 500 रुपए थे, वह भी पूछ रहा था
“भाई साहब, इतने नोट लाए कैसे? छापा पड़ा क्या?”
मायरे की इस सुनामी ने शादी को सुपरहिट बना दिया।
फोटो, वीडियो और नोटों से सजे टेबल अब सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं।
लगता है प्रवीण की शादी से ज्यादा चर्चा मामा जी के मायरे की हो रही है।
इस मायरे ने एक बार फिर साबित कर दिया
राजस्थान में रिश्ते सिर्फ निभाए नहीं जाते, धूमधाम से सजाए जाते हैं।
और जब ननिहाल वाला प्यार उमड़ता है, तो करोड़ों भी कम पड़ जाते हैं।
भरतपुर का ये ‘क्रोड़ों का मायरा’ अब आने वाले कई सालों तक हर शादी में मिसाल बनकर बैठने वाला है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




