Hindi Newsराजस्थान न्यूज़जयपुरRajasthan Jaipur Jodhpur Udaipur Kota Ajmer Bikaner Alwar Bharat India
राजस्थान: SC/ST के खिलाफ अपराधों में दो साल में 28% की गिरावट

राजस्थान: SC/ST के खिलाफ अपराधों में दो साल में 28% की गिरावट

संक्षेप:

राजस्थान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के खिलाफ अपराधों में पिछले दो साल में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

Dec 05, 2025 02:10 pm ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
share Share
Follow Us on

राजस्थान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के खिलाफ अपराधों में पिछले दो साल में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कमी के पीछे तेजी से जांच, तुरंत एफआईआर दर्ज करना और नए आपराधिक कानूनों का सख्ती से लागू होना मुख्य कारण हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के आंकड़ों के अनुसार, नवम्बर 2023 से नवम्बर 2025 के बीच SC/ST समुदायों के खिलाफ अपराधों में 28.23 प्रतिशत की गिरावट आई है।

राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केवल एक वर्ष के अंतराल में, यानी नवम्बर 2024 की तुलना में नवम्बर 2025 तक मामलों में 17 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि नवम्बर 2023 तक 10,273 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि यह संख्या 2024 में 8,883 और 2025 तक घटकर 7,373 रह गई। यह 2,900 मामलों की कमी दर्शाता है।

डीजीपी शर्मा ने बताया कि यह गिरावट राज्य सरकार के निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था मजबूत करने और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए सतत और प्रभावी कदमों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने SC/ST समुदायों के खिलाफ अपराधों से निपटने में सख्त और संवेदनशील रवैया अपनाया है, जिसमें एफआईआर तत्काल दर्ज करना और जांच प्रक्रिया को तेज करना शामिल है।

पुलिस प्रमुख ने यह भी कहा कि औसत जांच अवधि में भी भारी कमी आई है। 2023 में यह अवधि 124 दिन थी, जो 2024 में घटकर 109 दिन और 2025 में घटकर 75 दिन हो गई। उन्होंने इसे “अपूर्व सुधार” बताया।

डीजीपी शर्मा ने बताया कि हत्या, बलात्कार, अपहरण और SC/ST एक्ट के तहत दर्ज गंभीर अपराधों की निकट निगरानी ने भी अपराधों में समग्र कमी लाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस नए आपराधिक कानूनों के तहत मामलों का निपटारा 60 दिनों के भीतर करने पर भी ध्यान दे रही है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

पुलिस ने यह भी बताया कि कानून व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ समाज में जागरूकता और पुलिस-समुदाय सहयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न जिलों में पुलिस ने SC/ST समुदायों के लिए विशेष हेल्पलाइन, जागरूकता अभियान और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रमों को लागू किया है, जिससे अपराधों की रोकथाम में मदद मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल और तेज जांच प्रक्रिया पीड़ितों के प्रति पुलिस की जवाबदेही बढ़ाती है और समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करती है। वहीं, राजस्थान सरकार ने कहा कि SC/ST समुदाय के खिलाफ अपराधों की निगरानी लगातार की जा रही है और भविष्य में और सुधार लाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

राजस्थान पुलिस की यह पहल उन राज्यों के लिए उदाहरण पेश करती है, जहां पिछड़े वर्गों के खिलाफ अपराधों की उच्च दर रही है। अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी, जांच की गति में सुधार और सख्त कानून लागू करना समाज में डर और अपराध को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma
इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में पिछले 5 साल का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान से पहले, जी राजस्थान, महानगर टाइम्समें सेवा दे चुके हैं। राजस्थान विश्विद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। गुलाबी नगरी जयपुर में ही जन्म हुआ। राजस्थान की राजनीति और समृद्ध कला, संस्कृति पर लिखना पसंद है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।