राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को फिर बम से उड़ाने की धमकी,मेल में लिखा- CJI का दौरा रद्द कराओ

Feb 20, 2026 08:35 pm ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट प्रशासन को भेजे गए ई-मेल में लिखा गया कि “CJI का दौरा कैंसिल कराओ, दोपहर 12 बजे तक हाईकोर्ट को खाली करवा लो, परिसर में आरडीएक्स बम प्लांट किए गए हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को फिर बम से उड़ाने की धमकी,मेल में लिखा- CJI का दौरा रद्द कराओ

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट प्रशासन को भेजे गए ई-मेल में लिखा गया कि “CJI का दौरा कैंसिल कराओ, दोपहर 12 बजे तक हाईकोर्ट को खाली करवा लो, परिसर में आरडीएक्स बम प्लांट किए गए हैं।” धमकी मिलते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद लगभग आधे घंटे की देरी से सुबह 11 बजे से नियमित सुनवाई शुरू कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को क्लियर घोषित किया, हालांकि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है।

एक दिन पहले भी मिली थी धमकी

गौरतलब है कि गुरुवार को भी हाईकोर्ट जयपुर को इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला था। उस समय भी पूरे परिसर की तलाशी ली गई थी, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई थी। लगातार मिल रही धमकियों से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

CJI के दौरे से पहले बढ़ी संवेदनशीलता

धमकी भरे मेल में विशेष रूप से CJI के प्रस्तावित दौरे का जिक्र किया गया है। जानकारी के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को जयपुर में एक साइबर सिक्योरिटी सेमिनार का उद्घाटन करने आ रहे हैं। ऐसे में धमकी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेमिनार स्थल और हाईकोर्ट परिसर के आसपास अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

साढ़े तीन महीने में 10वीं बार धमकी

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को पिछले साढ़े तीन से चार महीनों में यह 10वीं बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पहली बार 31 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट प्रशासन के पास धमकी भरा मेल आया था। इसके बाद 5 दिसंबर, 8 दिसंबर, 9 दिसंबर, 10 दिसंबर और 11 दिसंबर को भी इसी तरह के मेल मिले। वर्ष 2026 में 6 फरवरी, 17 फरवरी और 19 फरवरी को भी धमकियां दी जा चुकी हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

हर बार की तरह इस बार भी तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन बार-बार कोर्ट परिसर खाली कराए जाने से न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। वकीलों और पक्षकारों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

साइबर एंगल से जांच

मामले की जांच साइबर सेल को भी सौंपी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया और इसके पीछे कौन है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मेल संभवतः किसी वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिए भेजा गया है।

साइबर लॉ से जुड़े वकील आदर्श सिंघल का कहना है कि ऐसे मामलों में आरोपी तक पहुंचना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। उन्होंने बताया कि वीपीएन के इस्तेमाल से आईपी एड्रेस बदलता रहता है, जिससे सीधे लोकेशन ट्रेस करना कठिन हो जाता है। हालांकि, वीपीएन प्रोवाइडर कंपनियां अपना लॉग डेटा सुरक्षित रखती हैं। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत वह डेटा प्राप्त हो जाए, तो आरोपी तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती

लगातार मिल रही फर्जी धमकियों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक संसाधनों का भी भारी उपयोग हो रहा है। हर बार पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को सक्रिय करना पड़ता है। साथ ही कोर्ट परिसर को अस्थायी रूप से खाली कराना पड़ता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ई-मेल सर्वर, डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य साइबर ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।

फिलहाल, तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। बार-बार मिल रही धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि साइबर माध्यम से फैलाया जा रहा डर अब एक बड़ी सुरक्षा चुनौती बन चुका है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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