पेंशनरों के लिए खुशखबरी,राजस्थान सरकार ने बढ़ाई मासिक पेंशन
राजस्थान के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है।

राजस्थान के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। अब लाभार्थियों को 1300 रुपये की जगह 1450 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। सरकार की ओर से जनवरी 2026 की पेंशन के बिल तैयार कर ईसीएस (ECS) के माध्यम से भुगतान के लिए भेज दिए गए हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों के भीतर बढ़ी हुई राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सहारा देना प्राथमिकता है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, जो रोजमर्रा के खर्चों के लिए इस पेंशन पर निर्भर रहते हैं।
दो साल में 1000 से 1450 रुपये तक पहुंची पेंशन
पिछले दो वर्षों में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1150 रुपये की गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। वहीं जनवरी 2026 में पहले इसे 1300 रुपये किया गया और अब एक और बढ़ोतरी करते हुए 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इस तरह दो साल के भीतर पेंशन राशि में कुल 450 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह अतिरिक्त सहायता आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
राजस्थान में इस समय सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 91 लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इनमें वृद्धजन, एकल नारी, विधवाएं, दिव्यांगजन और लघु व सीमांत किसान शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन वर्गों को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना भी है।
सरकार के मुताबिक पेंशन योजना समाज के उन वर्गों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है, जिनके पास नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं है।
DBT से सीधे खाते में पहुंच रही राशि
पेंशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके तहत पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के जनआधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाती है। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाया गया है, जिससे आवेदन से लेकर भुगतान तक बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
इस व्यवस्था से न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की संभावनाएं भी कम हुई हैं।
सत्यापन प्रक्रिया भी हुई आसान
पहले वार्षिक सत्यापन के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांगों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब इस प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप या ओटीपी आधारित प्रणाली के जरिए अपना सत्यापन करा सकते हैं। यदि तकनीकी समस्या आती है तो भौतिक दस्तावेजों के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है।
बैंक विलय से अटकी पेंशन पर सरकार सतर्क
हाल के समय में कई बैंकों के विलय के कारण IFSC कोड बदलने से कुछ लाभार्थियों की पेंशन अटकने की शिकायतें सामने आई थीं। इस पर सरकार ने बैंकिंग संस्थाओं के साथ समन्वय कर पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन रुकने नहीं दी जाएगी।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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