राजस्थान में बिजली व्यवस्था होगी हाईटेक, AI से होगी रीयल टाइम मॉनिटरिंग

Sachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने जल और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधारों की रूपरेखा तैयार की है। प्रदेश में जल्द ही नई जल नीति लाई जाएगी, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाना है। 

राजस्थान में बिजली व्यवस्था होगी हाईटेक, AI से होगी रीयल टाइम मॉनिटरिंग

राजस्थान में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने जल और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधारों की रूपरेखा तैयार की है। प्रदेश में जल्द ही नई जल नीति लाई जाएगी, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाना है। इसके साथ ही बिजली व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।

बिजली व्यवस्था का आधुनिकीकरण

प्रदेश में बिजली प्रणाली को स्मार्ट बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। अजमेर डिस्कॉम सेंटर को AI से जोड़ा जाएगा, जिससे तकनीकी खामियों, ओवरलोडिंग और फॉल्ट की तुरंत पहचान संभव होगी। यह प्रणाली लाइन लॉस कम करने, ट्रिपिंग में कमी लाने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

ग्रिड सब-स्टेशन और सोलर पार्क:

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े विस्तार के तहत 220 केवीए क्षमता के 6 नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) स्थापित किए जाएंगे, साथ ही 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 नए GSS बनाए जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ रुपये की लागत से नए सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे। यह परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।

स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन

AI आधारित रीयल टाइम मॉनिटरिंग डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से मांग और आपूर्ति का सटीक आकलन करेगी। इससे बिजली वितरण प्रणाली अधिक भरोसेमंद और स्मार्ट बनेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी।

आर्थिक और रोजगार प्रभाव:

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल ऊर्जा और जल प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य का दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होगा।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञ मानते हैं कि जल और ऊर्जा क्षेत्रों में तकनीक आधारित यह पहल राजस्थान को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के रूप में राज्य की पहचान को मजबूत करेगी।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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