
राजस्थान के इस जिले में त्रासदी: डूबते पिता को बचाने कूदे बेटे;टैंक में तीनों की मौत
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र के रासूवाला गांव में मंगलवार शाम एक हृदयविदारक हादसा हो गया। खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से एक किसान और उसके दो बेटों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पहले पिता डिग्गी में गिरे और उन्हें बचाने के प्रयास में दोनों बेटे भी पानी में उतर गए,
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र के रासूवाला गांव में मंगलवार शाम एक हृदयविदारक हादसा हो गया। खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से एक किसान और उसके दो बेटों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पहले पिता डिग्गी में गिरे और उन्हें बचाने के प्रयास में दोनों बेटे भी पानी में उतर गए, लेकिन बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण तीनों की जान चली गई। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, रासूवाला गांव के चक 7 आईडीजी रोही निवासी गुरदीप सिंह (40) अपने दोनों बेटों लखविंद्र सिंह (22) और राजविंद्र सिंह (16) के साथ मंगलवार को खेत में फसलों पर स्प्रे करने गए थे। तीनों 7 पीटीपी (रोही इंद्रगढ़) स्थित अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान स्प्रे मशीन के लिए पानी की जरूरत पड़ी, जिस पर वे पास ही स्थित पड़ोसी जसवीर सिंह के खेत की डिग्गी की ओर गए।
बताया जा रहा है कि पानी लेते समय गुरदीप सिंह का पैर फिसल गया और उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वे सीधे डिग्गी में गिर पड़े। डिग्गी काफी गहरी थी और उसमें बाहर निकलने के लिए कोई रैंप या सीढ़ी जैसी सुरक्षित व्यवस्था नहीं थी। पिता को डूबता देख दोनों बेटे घबरा गए और उन्हें बचाने के लिए बिना सोचे-समझे डिग्गी में उतर गए। हालांकि, पानी की गहराई और बाहर निकलने के साधन न होने के कारण तीनों ही डिग्गी से बाहर नहीं निकल सके और कुछ ही पलों में तीनों की डूबने से मौत हो गई।
घटना के समय आसपास कोई अन्य किसान मौजूद नहीं था। काफी देर तक जब गुरदीप सिंह और उनके दोनों बेटे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाकर तलाश शुरू की। शाम करीब 8 बजे जब ग्रामीण डिग्गी के पास पहुंचे तो वहां जूते-चप्पल, टोपी, बेल्ट और कपड़े पड़े मिले। इससे अनहोनी की आशंका गहराई।
ग्रामीणों ने डिग्गी में झांककर देखा तो पानी में तीनों के शव तैरते नजर आए। इसके बाद रस्सियों की मदद से ग्रामीणों ने तीनों शवों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से हर कोई स्तब्ध रह गया।
सूचना मिलने पर संगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी अमर सिंह ने बताया कि तीनों शवों को संगरिया के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। गुरदीप सिंह के भाई जसवीर सिंह की रिपोर्ट पर संगरिया थाने में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
परिजनों के अनुसार गुरदीप सिंह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। बड़ा बेटा लखविंद्र सिंह बीएसटीसी का छात्र था और शिक्षक बनने का सपना देख रहा था, जबकि छोटा बेटा राजविंद्र सिंह कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रहा था। इस हादसे के बाद परिवार में केवल गुरदीप सिंह की पत्नी और एक बेटी ही बची हैं। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से खेतों में बनी डिग्गियों के आसपास सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि डिग्गियों में रैंप, सीढ़ी या जाली जैसी व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




