
राजस्थान के 20 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट, उड़ानें प्रभावित; 4 जनवरी से और बढ़ेगी सर्दी
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के बाद ठंड ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में दिन में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के बाद ठंड ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में दिन में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे और शीतलहर के चलते आम जनजीवन के साथ-साथ हवाई और सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह जयपुर, भरतपुर, सीकर, दौसा, अलवर, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
उड़ानों पर असर, इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी
कोहरे और धुंध का असर हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है। इंडिगो एयरलाइंस ने उदयपुर और जैसलमेर में आने-जाने वाली उड़ानों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइंस के मुताबिक, कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट्स के समय में देरी या संचालन में बदलाव की संभावना बनी हुई है। यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस की जांच कर एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है।
उदयपुर और जैसलमेर में सुबह के समय घनी धुंध के कारण रनवे विजिबिलिटी प्रभावित रही, जिससे उड़ानों के संचालन पर अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में कोहरा और बढ़ने की आशंका को देखते हुए अन्य शहरों में भी फ्लाइट्स पर असर पड़ सकता है।
श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद
प्रदेश के उत्तरी जिलों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। श्रीगंगानगर जिले में शीतलहर और तेज सर्दी के चलते जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर के आदेश पर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 जनवरी से 10 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
गुरुवार को श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू जैसे जिलों में भी अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। कई शहरों में दिन और रात की ठंड लगभग एक समान महसूस की गई।
बादल और कोहरे का डबल असर
सीकर, जयपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। बादलों और शीतलहर के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादल छाए रहने से दिन में धूप नहीं निकल पा रही, जिससे ठंड का असर और बढ़ रहा है।
गुरुवार देर शाम से ही उत्तरी राजस्थान के जिलों में कोहरा गिरना शुरू हो गया था, जो रात भर बना रहा। शुक्रवार सुबह तक हालात और बिगड़ गए। कई जगह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
4 जनवरी से चलेगी कोल्ड-वेव
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 4 जनवरी से कोल्ड-वेव का असर और तेज होगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात की सर्दी ज्यादा बढ़ेगी और कई जिलों में पारा एकल अंक के करीब पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस अलवर में दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में ठंड और कोहरे का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने, फॉग लाइट का उपयोग करने और गति सीमित रखने की अपील की गई है। वहीं प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा है।
कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में सर्दी और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के संकेत हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




