
2023 vs 2024-25: राजस्थान में अपराधों का ग्राफ गिरा,इन आंकड़ों में कितनी सच्चाई; पढ़िए क्या बोले ADG क्राइम
राजस्थान में अपराधों के आंकड़े लगातार नीचे गिर रहे हैं, लेकिन क्या यह वास्तविक सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है या आंकड़ों का खेल है? इन सवाल का जवाब खोज ही रहे थे कि राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन का बयान सामने आया।
राजस्थान में अपराधों के आंकड़े लगातार नीचे गिर रहे हैं, लेकिन क्या यह वास्तविक सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है या आंकड़ों का खेल है? इन सवाल का जवाब खोज ही रहे थे कि राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन का बयान सामने आया।
NCRB द्वारा जारी 2021-2023 के आंकड़े जहां अपराधों की व्यापक तस्वीर पेश करते हैं, वहीं राज्य पुलिस की हाल की कार्रवाई ने 2024 और 2025 में अपराधों के ग्राफ को और नीचे खींच दिया है। महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अपराधों में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है, लेकिन क्या यह सिर्फ डेटा का कमाल है या पुलिस की सक्रिय रणनीति का परिणाम?
ADG क्राइम दिनेश एमएन का कहना है कि राजस्थान पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष पंजीकरण प्रणाली अपनाई है। हमारी टीम ने शिकायतों के त्वरित निस्तारण, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराकर अपराध नियंत्रण में बड़ा बदलाव किया है। 2023 में महिलाओं के खिलाफ 45,450 मामले दर्ज हुए थे, जो अब घटकर 36,563 रह गए हैं। अनुसूचित जनजाति के खिलाफ मामले 8449 से घटकर 7008 और अनुसूचित जाति के खिलाफ 2453 से घटकर 2282 रह गए हैं। आर्थिक अपराधों में भी मामूली लेकिन महत्वपूर्ण कमी देखी गई है।”
ADG क्राइम ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में अपराधों में गिरावट सिर्फ आंकड़ों में नहीं बल्कि वास्तविक नियंत्रण में दिखाई दे रही है। महिला अत्याचार में 9.24 प्रतिशत की कमी, अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अपराधों में गिरावट, और आर्थिक अपराधों में कमी यह साबित करती है कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और प्रभावी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे पुलिस की सक्रियता के साथ-साथ नागरिकों की बढ़ती जागरूकता और शिकायत दर्ज कराने में आसानी भी अहम भूमिका निभा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और फ्री-रजिस्ट्रेशन नीति के चलते अब शिकायतें तेजी से दर्ज होती हैं, जो अपराधियों के लिए खतरे की घंटी है।
हालांकि, ADG क्राइम ने चेतावनी भी दी कि यह गिरावट स्थायी तभी रहेगी जब पुलिस और समाज मिलकर अपराध नियंत्रण के लिए सतत प्रयास करें। “हमारी रणनीति लगातार अपडेट होती रहेगी, ताकि अपराधियों को कोई मौका न मिले,” उन्होंने कहा।
राजस्थान में पिछले दो वर्षों में अपराधों में लगातार गिरावट न केवल सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराधों में कमी से समाज में सकारात्मक संदेश भी जा रहा है। यह साफ संदेश है कि अगर प्रशासन, पुलिस और जनता मिलकर काम करें, तो अपराध नियंत्रण में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, 2023 के आंकड़ों की तुलना में 2024-25 में अपराधों का ग्राफ गिरना पुलिस की कड़ी मेहनत, रणनीति और पारदर्शिता का नतीजा है। लेकिन सवाल यह हमेशा बना रहेगा – क्या यह गिरावट स्थायी रहेगी, या अपराध अपने नए रूप में फिर उभरेंगे?

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




