राजस्थान कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की नई कार्यकारिणी घोषित, 134 नेताओं को मिली जिम्मेदारी
राजस्थान कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक विभाग की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस नई कार्यकारिणी में कुल 134 नेताओं को विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्थान कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक विभाग की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस नई कार्यकारिणी में कुल 134 नेताओं को विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, 15 महासचिव, 28 सचिव, 18 संयुक्त सचिव और 61 स्टेट कोऑर्डिनेटर शामिल किए गए हैं। सूची को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की मंजूरी के बाद जारी किया गया।
पार्टी नेताओं का कहना है कि नई टीम के गठन से न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी, बल्कि अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों को भी अधिक प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा। लंबे समय से प्रदेश स्तर पर अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी भंग चल रही थी, जिसके चलते संगठनात्मक गतिविधियां सीमित हो गई थीं। अब नई टीम के गठन के साथ संगठन को फिर से सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है।
पहले हो चुकी जिलाध्यक्षों की घोषणा
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चौपदार ने बताया कि संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए पहले ही जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इसके बाद अब प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जरूरत के अनुसार कार्यकारिणी का विस्तार भी किया जाएगा ताकि संगठन को और अधिक व्यापक बनाया जा सके।
एमडी चौपदार ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य प्रदेश भर में अल्पसंख्यक समाज के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाना और उनकी समस्याओं को सरकार और पार्टी मंच तक मजबूती से पहुंचाना है।
इन नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष
नई कार्यकारिणी में जफर हुसैन, अब्दुल खलाक खान, मुश्ताक खान, नियाज अहमद, परमप्रीत सिंह, मोहम्मद सदीक गौरी, धनपाल जैन, रजनीश जैकब, डॉ. नरेंद्र कुमार बौद्ध, सलीमुद्दीन खान, नजमा राहीन और नवाज अली को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश महासचिव के रूप में ये नेता नियुक्त
इसी तरह प्रदेश महासचिव के पद पर शहाबुद्दीन जैद, लियाकत अली, यूनुस खान, सरदार सतपाल सिंह, रानू अजमल खान, अब्दुल हमीद खान खोकर, हाजी मोहम्मद इकबाल, फिरोज खान, शबनम डार, एडवोकेट इकबाल खान, मुस्तफा सर, अमीन खान मोयला, जफर खान मारवाड़ और रजा अब्बास को जिम्मेदारी दी गई है। इनके अलावा बड़ी संख्या में सचिव, संयुक्त सचिव और स्टेट कोऑर्डिनेटर भी नियुक्त किए गए हैं।
संगठन को मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष एमडी चौपदार का कहना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि अल्पसंख्यक समाज की आवाज को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर मजबूती से उठाया जाए।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि यह टीम प्रदेश में कांग्रेस के संगठन को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पार्टी को नई टीम से उम्मीद
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से अल्पसंख्यक विभाग की गतिविधियां तेज होंगी और संगठन जमीनी स्तर तक सक्रिय होगा। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नियुक्त पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने का काम करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश में आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में अल्पसंख्यक विभाग की नई कार्यकारिणी को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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