
सुबह-शाम सर्द हवा, दिन में धूप-राजस्थान में सर्दी अब हुई सेट! जानें किन जिलों में पारा लुढ़का
उत्तर भारत में बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण राज्य में ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है।
उत्तर भारत में बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण राज्य में ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से राजस्थान के कई हिस्सों में पारा तेजी से गिर रहा है। रविवार को सीकर और टोंक में शीतलहर चली, जिससे सुबह और शाम के समय कंपकंपी छूट गई। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक सर्दी के स्थिर रहने की संभावना जताई है। दिन में तेज धूप और साफ आसमान रहेगा, लेकिन सुबह-शाम सर्द हवाओं का असर बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के सभी इलाकों में मौसम शुष्क बना रहा। सुबह से शाम तक तेज धूप खिली रही और आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिन में हल्की गर्माहट के कारण लोगों को राहत मिली, लेकिन शाम ढलते ही सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी।
रविवार को बाड़मेर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा जयपुर में 29, कोटा में 29.1, उदयपुर में 28.8, पिलानी में 29.7, अलवर में 27.4, अजमेर में 29.7, नागौर में 28.1, डूंगरपुर में 28.8 और दौसा में 29.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल दिन के समय तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है।
रात में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। बाड़मेर और कोटा को छोड़कर राज्य के लगभग सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। सीकर में पारा 7.5 और टोंक जिले के वनस्थली में 9.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अन्य शहरों की बात करें तो अलवर में 9, चूरू में 9.7, नागौर में 8, सिरोही में 8.8, करौली में 9.5, दौसा में 8.6, झुंझुनूं में 10.5, बारां में 10.3 और अजमेर में 10.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। सीकर और टोंक में रविवार को शीतलहर की स्थिति रही, जिससे सुबह के समय खुले क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा महसूस हुआ।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसका असर राजस्थान तक सीमित नहीं है, जिसके चलते उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर हो गई हैं। यही कारण है कि अगले 4-5 दिनों तक राज्य में मौसम स्थिर रहेगा और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल किसी नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नहीं है। इसलिए राजस्थान में बारिश या बादल छाने की संभावना बहुत कम है। आसमान साफ रहेगा और दिन में तेज धूप निकलती रहेगी। हालांकि सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं का असर जारी रहेगा, जिससे ठंडक बनी रहेगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे हिस्से में जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, सर्दी और बढ़ सकती है। उस समय उत्तर भारत से आने वाली हवाओं की दिशा बदलेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल अगले एक सप्ताह तक सर्दी स्थिर रहेगी और लोगों को दिन में हल्की धूप के साथ सुबह-शाम की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
राजस्थान में सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। सीकर और टोंक में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जबकि बाकी जिलों में भी रात के तापमान में गिरावट जारी है। फिलहाल मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है कि अगले एक सप्ताह तक तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। दिन में तेज धूप मिलेगी, लेकिन सुबह-शाम सर्द हवाओं से ठिठुरन बनी रहेगी।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




