Rajasthan Budget 2026 दीया कुमारी ने पेश किया बजट; पढ़ें प्रमुख घोषणाएं
राजस्थान विधानसभा में आज (बुधवार) डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी राज्य का बजट पेश कर रही हैं। भजनलाल सरकार का यह तीसरा पूर्ण बजट है, जिसे लेकर प्रदेशभर में खासा उत्साह और उम्मीदें हैं।

राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने जलदाय और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी और सरकार नई जल नीति भी लाएगी। करीब 6500 गांवों को हर घर नल-हर घर जल योजना से जोड़ा जाएगा, जबकि 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करते हुए सरकार 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और ब्रिज बनाएगी। नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 250 अटल प्रगति पथ के तहत 500 करोड़ के काम हाथ में लिए जाएंगे तथा बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़क हादसे रोकने के लिए 100 करोड़ की लागत से 2000 कैमरे लगाए जाएंगे।
कड़ी सुरक्षा में विधानसभा पहुंचीं बजट प्रतियां
सुबह करीब 10 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बजट की प्रतियां विधानसभा पहुंचाई गईं। विधानसभा परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
राजस्थान सरकार ने परिवहन क्षेत्र में राहत और कर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 16.5 मैट्रिक टन से अधिक भार वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए मोटर वाहन कर में वार्षिक भुगतान के साथ एकमुश्त भुगतान का विकल्प भी प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा, 6 वर्ष से अधिक पुराने परिवहन वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने गैर-परिवहन वाहन पर देय ग्रीन टैक्स की दरों का पुनरीक्षण किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह भी ऐलान किया कि अन्य राज्यों से राजस्थान में स्थायी रूप से लाए गए गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण पर मोटर वाहन कर में अधिकतम छूट को पहले 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा, जिससे वाहनों के पंजीकरण और कर भुगतान में नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
रजिस्ट्रेशन की सुविधा घर बैठे
राजस्थान सरकार ने भूमि और संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता और तकनीकी सुगमता बढ़ाने के लिए ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को राज्य की आर्थिक संरचना का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा गया कि ई-स्टैंप और ऑनलाइन एनीवेयर रजिस्ट्रेशन से नागरिकों को पहले ही राहत मिली थी, और अब नई प्रणाली के तहत पक्षकारों का ई-वेरिफिकेशन, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और पूरी तरह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा घर बैठे उपलब्ध होगी। दस्तावेजों की डिजिटली प्रमाणित प्रतियां भी सीधे नागरिकों को उपलब्ध होंगी, जिससे समय की बचत और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी। पहले केवल 50 उपपंजीयक कार्यालयों को मॉडल बनाने की योजना थी, लेकिन अब सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी 106 पूर्णकालिक उपपंजीयक कार्यालयों को मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणाएं और 8वें वेतन आयोग की तैयारी
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए हाई पावर कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों की समीक्षा समय पर की जा सके।
नए जिले और पंचायतों में विकास कार्य
सरकार ने 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी कार्यालय खोलने का ऐलान किया है। साथ ही, 3467 नई ग्राम पंचायतों में 3000 करोड़ रुपये से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।
ग्रामदानी गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार
ग्रामदानी गांवों के किसानों को उनके खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। इससे ग्रामीण कृषि और भूमि व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
डिजिटल सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार
मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी, वहीं डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा।
रोजगार और सुरक्षा में बढ़ोतरी
शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
विभागों का पुनर्गठन
उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसे राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये किया जाएगा।
पंचायतों के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार
उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
शेखावाटी क्षेत्र में बड़ी जल परियोजना
शेखावाटी क्षेत्र तक हथनी कुंड से यमुना जल लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना का कार्य जल्द शुरू होगा। यह परियोजना क्षेत्र में पानी की उपलब्धता और कृषि सुधार में अहम भूमिका निभाएगी।
सिंचाई, पशुधन और डेयरी क्षेत्र को मिलेगा बल
राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, पशुधन और डेयरी क्षेत्र के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल ₹11,300 करोड़ का प्रावधान किया है। इस प्रावधान का उद्देश्य वर्ष 2047 तक राजस्थान को टेक्नोलॉजी आधारित अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में विकसित करना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार और बिजली कनेक्शन
राज्य में 17 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इन केंद्रों की मरम्मत के लिए 275 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 700 से अधिक आंगनबाड़ियों को 225 करोड़ रुपये की लागत से नंदघर में अपग्रेड किया जाएगा।
पोषण और किशोरी बालिकाओं का लाभ
राज्य में 11 हजार अमृत पोषक वाटिकाएं विकसित की जाएंगी, जो मिड डे मील कार्यक्रम के तहत फल और सब्जियां उपलब्ध कराएंगी। किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार का लाभ दिया जाएगा, जिससे करीब 50 हजार बालिकाओं को सीधे लाभ मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण और वित्तीय सहायता
महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने वाले ऋण की सीमा अब 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। 50 करोड़ रुपये की लागत से नए महिला पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा, रूरल वीमन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे, जिन पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राजीविका और राजसखी स्टोर
राजीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों पर राजसखी स्टोर खोले जाएंगे, जिससे महिलाएं अपने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचा सकेंगी और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बड़े ऐलान
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण और अनुदान दिया जाएगा, जिससे करीब 30 हजार युवाओं को लाभ मिलेगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना होगी, जो ऑनलाइन परीक्षाओं सहित विभिन्न टेस्ट आयोजित करेगी। कॉलेज विद्यार्थियों के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ शुरू होगा, जिसका लाभ अगले वर्ष 50 हजार छात्रों को मिलेगा। नशा विरोधी अभियान ‘राज सवेरा’ के तहत युवाओं के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था होगी। 1000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के सहयोग से सेंटर और 30 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नो हब स्थापित किए जाएंगे। 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को ई-वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी और कक्षा 1 से 8 के 40 लाख विद्यार्थियों के लिए 250 करोड़ रुपये में निःशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र और जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स खोले जाएंगे। साथ ही, शहीद सैनिकों की बेटियों की छात्रवृत्ति 2000 रुपये वार्षिक कर दी गई है। ये सभी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
राजस्थान में AI इंटिग्रेशन और नए जीएसएस-सोलर पार्क की घोषणा
राजस्थान सरकार ने राज्य की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महत्वाकांक्षी कदम उठाए हैं। प्रदेश में 220 केवीए के 6 नए जीएसएस स्थापित किए जाएंगे, साथ ही 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 नए जीएसएस भी बनाए जाएंगे। बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये की लागत से नए सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे हरित ऊर्जा उत्पादन में तेजी आएगी। इसके अलावा, बिजली प्रणाली की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और दक्षता बढ़ाने के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाएगा। यह पहल बिजली आपूर्ति में सुधार, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में राज्य को नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा: मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण अब ₹1.50 लाख तक
राज्य सरकार ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत ब्याज अनुदान पर दिए जाने वाले ऋण की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख करने की घोषणा की गई है। इस निर्णय से स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को अपने व्यवसाय के विस्तार, नए उद्यम शुरू करने और आय बढ़ाने में अधिक वित्तीय सहयोग मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें और परिवार के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएं।
राजस्थान बजट 2026: ‘राजममता’ से मानसिक स्वास्थ्य को नई दिशा
प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘राजममता – राजस्थान मेंटल अवेयरनेस, मेंटोरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इसे आमजन के समग्र स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया। इसके तहत सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर में काउंसलिंग और टेलीमेडिसिन सुविधाओं से युक्त ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ स्थापित किया जाएगा। साथ ही सभी जिला चिकित्सालयों में मेंटल हेल्थ केयर सेल गठित किए जाएंगे तथा साइकियाट्रिक चिकित्सकों के साथ साइकोलॉजिकल काउंसलर्स की नियुक्ति की जाएगी, ताकि मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान, परामर्श, उपचार, पुनर्वास और रेफरल सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकें।
स्कूलों में अनिवार्य काउंसलिंग, पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान
सरकार विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं मेंटल हेल्थ अवेयरनेस अभियान चलाएगी। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित काउंसलर द्वारा प्रति माह कम से कम एक अनिवार्य मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। आमजन में मानसिक रोगों की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलेंगे। इसके साथ ही मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, नॉन-कम्यूनिकेबल और लाइफस्टाइल डिजीज़ की जांच व परामर्श सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। वंचित परिवारों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से जोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।
400 सरकारी स्कूल बनेंगे ‘सीएम राइज राजस्थान इनोवेटिव स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’,
राज्य सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 400 सरकारी विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से “सीएम राइज राजस्थान इनोवेटिव स्कूल ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर ₹1,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन स्कूलों में करियर काउंसलिंग की समुचित व्यवस्था, स्मार्ट बोर्ड, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सेटअप और ‘बिल्डिंग एज लर्निंग एड’ जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी दौर के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
तकनीकी शिक्षा ऋण पर 2% ब्याज छूट, शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ेगी
राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को व्यवसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के लिए बड़ी राहत देने की घोषणा की है। अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम से लिए गए ऋण का समय पर भुगतान करने वाले विद्यार्थियों को ब्याज दर में 2% की छूट दी जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा हासिल करना अधिक सुलभ हो सके। वहीं शहीदों और स्थायी रूप से दिव्यांग हुए सैनिकों के बच्चों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। 1 अप्रैल 1999 के बाद (पोस्ट कारगिल) युद्धों में शहीद या स्थायी रूप से दिव्यांग हुए सैनिकों के कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भूतपूर्व सैनिकों की कक्षा 11 एवं 12 में अध्ययनरत प्रतिभावान पुत्रियों को भी संशोधित छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। वर्तमान में दी जा रही ₹180 एवं ₹100 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति को बढ़ाकर ₹2,500 वार्षिक किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
323 करोड़ से सजेगा ‘जादुई पिटारा’, बच्चों की शिक्षा पर बड़ा निवेश
राज्य सरकार ने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “जादुई पिटारा” योजना के तहत 323 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है, ताकि उन्हें बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संतुलित शैक्षणिक वातावरण मिल सके। सरकार खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी पहल कर रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि बच्चों को स्कूलों में बेहतर माहौल और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
NEP 2020 के तहत बड़ा फैसला
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य सरकार स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ना है।
500 नए विद्यालयों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
वर्तमान में प्रदेश के 4,019 विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 500 अतिरिक्त विद्यालयों में यह सुविधा शुरू की जाएगी। इससे हजारों विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे।
51 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रावधान
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि इस विस्तार योजना पर कुल 51 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि आवश्यक संसाधनों, आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षण सामग्री और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था पर व्यय की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण मिल सके।
सभी संभाग मुख्यालय होंगे सिग्नल फ्री, 2300 करोड़ से ज्यादा खर्च
राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल फ्री बनाने की बड़ी घोषणा की है। इसके तहत संभागीय सड़कों पर यातायात सुगम बनाने के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग से जुड़े व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य करवाए जाएंगे। इस परियोजना पर कुल 2300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी, जिसमें केवल जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना से ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और शहरी यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित व सुरक्षित होगी।
सीएम भजनलाल ने मेज थपथपाई
राजस्थान बजट 2026 Live: वित्त मंत्री दीया कुमारी की बजट घोषणाओं के दौरान सदन का माहौल उत्साहपूर्ण नजर आया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी घोषणाओं पर मेज थपथपाकर समर्थन जताते दिखे। उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्य और सत्तापक्ष के विधायक भी मेज थपथपाकर बजट प्रस्तावों का स्वागत कर रहे हैं, जिससे विधानसभा में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार के लिए विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य में व्यापक स्तर पर सड़क विकास कार्य किए गए हैं। अब तक 42,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जा चुका है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई है तथा आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
पीएम आवास योजना को लेकर बड़ा ऐलान
राजस्थान बजट 2026 Live में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 28 लाख परिवारों का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके।
पानी की समस्या से निपटने के नए ऐलान
राजस्थान बजट 2026 Live में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने जल संकट से निपटने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 600 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। समर कंटिजेंसी प्लान के तहत प्रत्येक जिला कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य किए जा सकें। जयपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से पानी पर केंद्रित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा और वाटर एफिशिएंसी पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसके साथ ही जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब भी शुरू की जाएगी।
अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से प्रदेश को उबारते हुए निवेश को प्रोत्साहित किया है और विकास को नई दिशा दी है। सामाजिक-आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछली बार हरित बजट भी पेश किया गया था।
41.39% बढ़ा प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार
मंत्री के अनुसार वर्ष 2026-27 में राजस्थान की अर्थव्यवस्था का आकार 41.39 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह वृद्धि राज्य की आर्थिक मजबूती और निवेश के बेहतर माहौल को दर्शाती है।
प्रति व्यक्ति आय 2 लाख के पार
दीया कुमारी ने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख रुपये से बढ़कर 2 लाख 2 हजार रुपये के पार पहुंचने का अनुमान है, जो आमजन की आय में सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण का संकेत है।
₹1800 करोड़ से सड़क और आरओबी प्रोजेक्ट्स
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने घोषणा की कि प्रदेश में 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के काम कराए जाएंगे।
नॉन-पैचेबल और मिसिंग लिंक सड़कों पर फोकस
नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले वर्ष 250 अटल प्रगति पथ के तहत 500 करोड़ रुपये के कार्य शुरू होंगे।
बारिश से टूटी सड़कों के लिए ₹500 करोड़
बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
दीया कुमारी ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है।
42 हजार किमी सड़क विकास
16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़ते हुए कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया है।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा फोकस
राजस्थान बजट 2026 Live में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेशभर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की।
राजमार्गों पर विकसित होंगी वे-साइड एमेनिटीज
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए वे-साइड एमेनिटीज विकसित की जाएंगी, जिससे सफर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बने।
ब्लैक स्पॉट्स सुधार पर ₹100 करोड़
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
₹24 हजार करोड़ की पेयजल परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी
राजस्थान बजट 2026 Live में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि प्रदेश में 24 हजार करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं, जिससे जल आपूर्ति तंत्र को व्यापक मजबूती मिलेगी।
सीएम जल जीवन मिशन: 6500 गांवों तक नल से जल
सीएम जल जीवन मिशन योजना के तहत 6500 गांवों को शामिल कर हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहरी पेयजल व्यवस्था पर ₹2300 करोड़
प्रदेश के शहरों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 2300 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।
3 लाख नए कनेक्शन और देशनोक में 24 घंटे जलापूर्ति
अगले वर्ष 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। वहीं देशनोक में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बिसलपुर योजना विस्तार पर ₹650 करोड़
1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने और व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 650 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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