वित्त मंत्री दीया कुमारी लाल बंधेज साड़ी में आईं विधानसभा, शायराना अंदाज में पढ़ा राजस्थान का बजट
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में 2026-27 का बजट शायराना अंदाज में पेश किया। उन्होंने काव्यात्मक पंक्तियों के साथ बजट पेश करने की शुरुआत की

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में 2026-27 का बजट शायराना अंदाज में पेश किया। उन्होंने काव्यात्मक पंक्तियों के साथ बजट पेश करने की शुरुआत की –
“कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें, लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें, फिर भी दिखाया है हमने और आगे भी दिखा देंगे इन हालात में भी आता है दरिया करना पार हमें।”
इस खास अंदाज ने सदन में सभी का ध्यान आकर्षित किया।
अटैची और साड़ी में बदलाव
इस बार बजट की अटैची का रंग भी बदला हुआ था। दीया कुमारी लाल-सफेद 'फागुनिया' बंधेज साड़ी पहनकर सदन में पहुंचीं। उन्होंने फागुन महीने और राजस्थानी परंपरा से जुड़ाव दिखाया। बता दें कि 19 फरवरी 2025 को भी उन्होंने लाल-सफेद फागुनिया चुनरी पहनकर बजट पेश किया था।
सरकार समर्पण भाव के साथ काम कर रही
दीया कुमारी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियों के माध्यम से सरकार के समर्पण और निरंतर कर्म की छवि पेश की –
“चलो नई मिसाल हो, जलो नई मिसाल हो, बढ़ो नया कमाल हो, झुको नही, रूको नही, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार समर्पण भाव के साथ काम कर रही है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगी।
प्रजा के सुख में राजा का सुख
दीया कुमारी ने सदन में यह भी कहा, “प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्”, अर्थात राजा का सुख प्रजा के सुख और हित में है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कम भोज, कम बोझ, अधिक भरोसा और तेज फैसला की नीति पर डबल इंजन सरकार काम कर रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थकेयर सेल की स्थापना की जाएगी, जिससे मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान, परामर्श, उपचार और पुनर्वास की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उनकी यह बात सुनते ही सदन में ठहाके लग गए।
बजट का समापन भी काव्यात्मक
बजट पेश करते हुए दीया कुमारी ने इसे इसी शायराना अंदाज में समाप्त किया:
“राह में मुश्किल होगी हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही। मुश्किल है पर इतना भी नहीं, कि तू कर ना सके, दूर है मंजिल लेकिन इतनी भी नहीं, कि तु पा ना सके, तुम चलो तो सही।”
बजट में खास घोषणाएं
1. जादुई पिटारा बच्चों के लिए
सरकार स्कूली बच्चों को खेल सामग्री और जादुई पिटारा देने की घोषणा की, जिसमें 323 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर हल्का तंज भी कसते हुए कहा कि यह पिटारा बच्चों के विकास के लिए है, और पुराने ढर्रे की तरह नहीं।
2. जर्जर स्कूलों की मरम्मत
जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। कांग्रेस नेता रोहित बोहरा ने कहा कि 3000 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हैं और इस बजट से समाधान क्या होगा।
3. महिला सशक्तिकरण और किसान हित
सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह बजट महिला, युवा, किसान और समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक होगा। कांग्रेस को यह देखकर दांतों तले अंगुली दबानी पड़ेगी।
4. पंच तत्व और पर्यावरण संरक्षण
विधायक बालमुकंदाचार्या ने कहा कि बजट हर वर्ग और सनातनियों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। पंच तत्व – जीव-जंतु, पशु-पक्षी, कुएं-बावड़ी और किसान सभी के हित इसमें शामिल हैं।
सदन और बाहर हंगामा
सदन के बाहर और भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच वार-पलटवार और हंसी-ठिठोली भी देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि इस बार भी “जुमलों की बरसात होगी।” पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट की घोषणाओं और क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
निष्कर्ष
राजस्थान का बजट 2026-27 शायराना अंदाज, सांस्कृतिक छाप और सामाजिक समावेशिता के साथ पेश किया गया। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने लाल बंधेज साड़ी में अपनी पहचान बनाए रखते हुए सरकारी योजनाओं और विकास की नीतियों को सदन में स्पष्ट किया। बजट ने न सिर्फ घोषणाओं का ब्योरा दिया, बल्कि राजस्थानी परंपरा और आधुनिक राजनीति का संगम भी दिखाया।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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