राजस्थान; बीकानेर में ट्रक से टकराई बस, आग लगने से खाक; 40 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
राजस्थान में मावठ के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। बुधवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। धुंध इतनी घनी थी कि कई जगह विजिबिलिटी 10 से 30 मीटर के बीच सिमट गई। कोहरे के कारण बीकानेर जिले में बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

राजस्थान में मावठ के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। बुधवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। धुंध इतनी घनी थी कि कई जगह विजिबिलिटी 10 से 30 मीटर के बीच सिमट गई। कोहरे के कारण बीकानेर जिले में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक लग्जरी बस हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर के बाद बस में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि बस में सवार सभी 40 यात्री इमरजेंसी खिड़कियों से कूदकर बाहर निकल आए और किसी की जान नहीं गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह के समय हुआ, जब घने कोहरे के कारण सड़क पर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। बस चालक को हाईवे किनारे खड़ा ट्रक नजर नहीं आया और बस सीधे उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के अगले हिस्से में तुरंत आग भड़क उठी। आग फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और कंडक्टर की मदद से यात्रियों ने इमरजेंसी विंडो तोड़ी और एक-एक कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में बस पूरी तरह जल गई।
कई जिलों में घना कोहरा, विजिबिलिटी बेहद कम
बीकानेर के साथ-साथ बुधवार सुबह जयपुर, श्रीगंगानगर, नागौर, चूरू और हनुमानगढ़ में भी घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में हालात ऐसे रहे कि सुबह 8 बजे तक वाहन हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए। श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ जाटान क्षेत्र में विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जबकि नागौर में यह 30 मीटर से नीचे रही। जयपुर में भी सुबह से बादल और कोहरे का असर देखने को मिला, जिससे कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट, 11 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 11 जिलों में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार हालिया सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ गई है। इसी वजह से अगले बुधवार और गुरुवार तक कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बुधवार से उत्तरी हवाएं फिर सक्रिय होंगी, जिससे शीतलहर का असर बढ़ेगा और दिन-रात गलनभरी सर्दी महसूस की जाएगी।
31 जनवरी से नया वेदर सिस्टम, बारिश-आंधी के आसार
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 31 जनवरी से प्रदेश में एक और नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आंधी का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले मंगलवार को भी प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में बारिश और कई जगह ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। इस बदले हुए मौसम ने सर्दी को और तेज कर दिया है।
तापमान में गिरावट, हनुमानगढ़ रहा सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया। सबसे ठंडा दिन हनुमानगढ़ में रहा, जहां अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शीतलहर के कारण सुबह-शाम के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 3 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है।
मावठ के बाद भी प्रदूषण बरकरार
बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद प्रदेश के कुछ शहरों में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। बुधवार सुबह 6 बजे जयपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 225 और भिवाड़ी का 253 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरा और कम हवा की गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं।
सतर्कता जरूरी
लगातार बदलते मौसम, घने कोहरे और शीतलहर के चलते प्रशासन ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर हाईवे पर सफर करने वालों को कम गति में वाहन चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में मौसम से जुड़े अलर्ट पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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