गैस की किल्लत पर राजस्थान विधानसभा में टकराव, जूली ने सब्सिडी मांगी… मंत्री बोले- हालात संभाल लेंगे

लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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राजस्थान में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और संभावित कमी के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में जोरदार बहस देखने को मिली।

गैस की किल्लत पर राजस्थान विधानसभा में टकराव, जूली ने सब्सिडी मांगी… मंत्री बोले- हालात संभाल लेंगे

राजस्थान में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और संभावित कमी के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में जोरदार बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के बीच गैस की किल्लत और कीमतों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान जूली ने सरकार से पूछा कि क्या बढ़ती कीमतों के बीच जनता को राहत देने के लिए राज्य सरकार अपनी तरफ से सब्सिडी देगी, जबकि मंत्री ने जवाब दिया कि सरकार किसी भी कीमत पर आम लोगों को गैस की किल्लत नहीं होने देगी।

गैस की किल्लत और कीमतों का मुद्दा उठा

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हाल ही में रसोई गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग पर लगाई गई अघोषित रोक का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब गैस के दाम बढ़ रहे हैं और बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है, तो क्या राज्य सरकार अपनी तरफ से सब्सिडी देकर आम जनता को राहत देने पर विचार कर रही है।

जूली ने कहा कि आम लोग पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है।

मंत्री बोले– अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें

इस पर जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि एलपीजी गैस की कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ने का असर देश और राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

मंत्री ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष विद्वान हैं और उन्हें यह पता होना चाहिए कि गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से प्रभावित होती हैं। जब वहां कीमतें बढ़ती हैं तो उसका असर यहां भी पड़ता है।”

“गैस की किल्लत नहीं होने देंगे”

गैस की संभावित कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री गोदारा ने आश्वासन दिया कि राज्य में आम जनता को गैस की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हम आमजन को गैस की किल्लत नहीं होने देंगे, इसके लिए चाहे जो करना पड़े।”

हालांकि मंत्री के इस जवाब के बाद भी विपक्ष ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए और कहा कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा।

जूली ने सरकार की नीति पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब गैस सिलेंडर की कीमतें अधिक होने के बावजूद आम लोगों को 500 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय बाजार में सिलेंडर की कीमत करीब 800 रुपये थी, फिर भी सरकार ने राहत दी थी।

जूली ने कहा, “जब हमने 500 रुपये में सिलेंडर दिया था तब बाजार में कीमत 800 रुपये के आसपास थी। अब जब सिलेंडर का रेट लगभग 600 रुपये है तो सरकार इसे सस्ता क्यों नहीं कर सकती?”

उन्होंने कहा कि सरकार को केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देने के बजाय जनता को राहत देने के ठोस उपाय बताने चाहिए।

सदन में नोकझोंक, स्पीकर ने जताई नाराजगी

गैस की कीमतों और आपूर्ति के मुद्दे पर बहस के दौरान सदन में कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया और सदस्यों को संयम बरतने की नसीहत दी।

स्पीकर देवनानी ने कहा कि प्रश्नकाल का उद्देश्य सवाल पूछना और जवाब देना है, इसे अनावश्यक विवाद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह बर्दाश्त नहीं होगा। आप सवाल पूछिए, लेकिन बिना वजह विवाद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। प्रश्नकाल को प्रश्नकाल ही रहने दीजिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि जब अध्यक्ष खड़े होते हैं तो सभी सदस्यों को बैठ जाना चाहिए और सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता

विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद राज्य में गैस की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नई बुकिंग पर रोक की खबरों के बाद होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं में भी गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

सरकार की ओर से हालांकि यह भरोसा दिलाया गया है कि राज्य में गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर दबाव बनाए हुए है। ऐसे में आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति और कीमतों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बनी रहने की संभावना है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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