हजारों लड़कियां भाग रहीं, चार बच्चों की मां भी प्रेमी संग फरार;राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक का बयान
राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही बहस के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया के बयान ने सदन में गंभीर बहस और राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। बुडानिया ने प्रदेश में सामाजिक हालात को शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि आज लड़कियों के भागने की घटनाएं इतनी बढ़ गई हैं

राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही बहस के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया के बयान ने सदन में गंभीर बहस और राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। बुडानिया ने प्रदेश में सामाजिक हालात को शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि आज लड़कियों के भागने की घटनाएं इतनी बढ़ गई हैं कि मां-बाप रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हजारों लड़कियां घर छोड़कर भाग रही हैं और यहां तक कि चार-चार बच्चों की मां भी प्रेमियों के साथ फरार हो रही हैं।
बुडानिया ने सदन में भावुक होते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं का असर परिवारों पर बेहद घातक पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस भागी हुई लड़कियों को ढूंढकर वापस लाती है, तो कई बार वे अपने मां-बाप को पहचानने से ही इनकार कर देती हैं। “एक बेटी अगर अपने मां-बाप से कहे कि मैं तुम्हें पहचानती नहीं, तो इससे बड़ी मरण की बात क्या हो सकती है,”—यह कहते हुए उन्होंने समाज और राजनीति दोनों से आत्ममंथन की अपील की।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक लड़की के वापस आने के बाद जब उसने माता-पिता को पहचानने से इनकार किया, तो कुछ समय बाद पिता ने आत्महत्या कर ली। “कहीं ट्रेन के आगे कूद गया, कहीं कुएं में छलांग लगा दी। यह हालात हैं,” बुडानिया ने कहा। उन्होंने माना कि इसमें सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी बनती है और भले ही यह केंद्र का कानून हो या सुप्रीम कोर्ट की कोई व्यवस्था, लेकिन समाज में ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए सभी पार्टियों को मिलकर रास्ता निकालना चाहिए।
सदन में अन्य मुद्दों पर भी गरमाई बहस
विधानसभा में शुक्रवार को केवल इस बयान तक ही बहस सीमित नहीं रही। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रश्नकाल के दौरान जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई स्कूल भवन बेहद जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। “मंदिरों और मुर्गी फार्म में स्कूल चल रहे हैं,”—जूली ने तंज कसते हुए कहा।
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन्हें जमींदोज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्षिक परीक्षाएं नजदीक होने के कारण सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। दिलावर ने कहा कि अब तक 30 करोड़ रुपए तक के भवनों का ही थर्ड पार्टी ऑडिट होता था, लेकिन अब सभी स्कूल भवनों का पॉलिटेक्निक कॉलेजों से थर्ड पार्टी ऑडिट करवाया जाएगा, ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
SIR में गड़बड़ी का मुद्दा गूंजा
शून्यकाल के दौरान SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि SIR में फर्जी फॉर्म के बंडल जमा किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि ये आवेदन कहां से आए और इन्हें किसने जमा कराया। जूली ने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें सजा का प्रावधान भी है।
इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि वे इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा कर निर्णय लेंगे।
रोडवेज डिपो को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस शासन में घोषित छह रोडवेज डिपो को चालू नहीं करने का मुद्दा भी उठा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक अमित चाचाण ने परिवहन मंत्री से इस पर जवाब मांगा।
डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिना वित्तीय प्रावधान केवल घोषणाएं की थीं। मौजूदा सरकार तथ्यों के आधार पर निर्णय ले रही है।
विधानसभा की कार्यवाही स्थगित
लगातार हंगामे और बहस के बीच विधानसभा की कार्यवाही 3 फरवरी की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। 31 जनवरी, 1 और 2 फरवरी को विधानसभा की छुट्टी रहेगी। 3 और 4 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस जारी रहेगी, जबकि 4 फरवरी को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से जवाब देंगे।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



