
अगर रकम नहीं दी तो अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना बंद; राजस्थान में ACB ने डॉक्टर को 11 लाख लेते दबोचा
राजस्थान के भीलवाड़ा में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों के बिल पास करने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार शाम कार्रवाई करते हुए एक डॉक्टर को 11 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
राजस्थान के भीलवाड़ा में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों के बिल पास करने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार शाम कार्रवाई करते हुए एक डॉक्टर को 11 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को योजना बंद करने की धमकी देकर पहले 14 लाख रुपए की मांग की थी, बाद में सौदा 11 लाख में तय हुआ।
मामला भीलवाड़ा जिले के भीमगंज थाना क्षेत्र का है। ACB के अनुसार, आरोपी की पहचान डॉ. पंकज छीपा (40) के रूप में हुई है, जो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े बिलों की जांच और पास करने की प्रक्रिया में भूमिका निभा रहा था।
ACB के डीएसपी नरपत सिंह ने बताया कि एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर ने अजमेर ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि डॉ. पंकज छीपा ने अस्पताल द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत पोर्टल पर डाले गए बिलों में “अनियमितता” होने का हवाला देते हुए 14 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
डॉ. पंकज ने अस्पताल प्रबंधन को यह कहकर डराया कि अगर रकम नहीं दी गई तो उनके अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना बंद कर दी जाएगी। इससे अस्पताल के इलाज और आर्थिक व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता था।
शिकायत के अनुसार, डॉ. पंकज छीपा ने यह भी कहा कि उनके साथी आयुष्मान भारत जांचकर्ता डॉ. कुलदीप जयपुर में बैठते हैं और उनकी भी इस मामले में सहमति है। आरोपी ने दावा किया कि अगर 14 लाख रुपए दे दिए गए तो कथित अनियमितताओं को नजरअंदाज कर दिया जाएगा और सभी बिल पास कर दिए जाएंगे।
लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर अस्पताल प्रबंधन ने बातचीत के बाद सौदा 11 लाख रुपए में तय किया और ACB से संपर्क किया।
शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार शाम को डॉ. पंकज छीपा रिश्वत लेने के लिए भीलवाड़ा पहुंचा। ACB ने अस्पताल के मैनेजर राकेश को 9 लाख रुपए के नकली नोट और 2 लाख रुपए के असली नोट देकर तिलक नगर रोड पर भेजा, जहां आरोपी डॉक्टर उसका इंतजार कर रहा था।
जैसे ही मैनेजर ने तय रकम आरोपी को सौंपी, पहले से तय इशारे पर ACB टीम ने मौके पर पहुंचकर डॉ. पंकज छीपा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ACB अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉ. पंकज छीपा ने डॉ. कुलदीप से फोन पर बात कर यह पुष्टि भी की कि उसने रुपए ले लिए हैं। ACB के पास उस बातचीत से जुड़े फोन नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पीड़ित अस्पताल मैनेजर ने बताया कि जयपुर में पदस्थ आयुष्मान भारत जांचकर्ता डॉ. कुलदीप पिछले एक महीने से अस्पताल प्रबंधन को फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर डराता रहा। वह लगातार कह रहा था कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना बंद कर दी जाएगी। आखिरकार मजबूरी में ACB से शिकायत करनी पड़ी।

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