
पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा, अजमेर दरगाह को भेजा गया धमकी भरा ईमेल
अजमेर में गुरुवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब कलेक्टर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक मेल प्राप्त हुआ, जिसमें साफ लिखा था- पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा
अजमेर में गुरुवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब कलेक्टर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक मेल प्राप्त हुआ, जिसमें साफ लिखा था- पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा, मेल में दावा किया गया था कि अजमेर कलेक्ट्रेट, अजमेर दरगाह और कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में 4 आरडीएक्स आईईडी लगाए गए हैं। संदेश मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं।
ईमेल प्राप्त होते ही पुलिस, एसओजी और इंटेलिजेंस टीमों को मौके पर भेजा गया। कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और मेटल डिटेक्टर, बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी तरह, अजमेर दरगाह में भी जायरीनों की एंट्री रोक दी गई और पूरे परिसर को सर्चिंग के लिए खाली कराया गया।
एडिशनल एसपी दीपक शर्मा के अनुसार, कलेक्ट्रेट में लगभग एक घंटे और दरगाह परिसर में करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चला। हर कोने-कोने की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है।
अजमेर दरगाह में 17 दिसंबर से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स की शुरुआत होनी है। इससे कुछ ही दिन पहले धमकी भरा ईमेल आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। उर्स के दौरान लाखों जायरीन देश और दुनिया भर से आते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और इंटेलिजेंस पहले से ही हाई अलर्ट पर थे। अब इस ईमेल के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।
ध्यान देने योग्य है कि 11 अक्टूबर 2007 को दरगाह परिसर में रोजा इफ्तारी के दौरान ब्लास्ट हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। इसी इतिहास को देखते हुए किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने बताया कि दरगाह पुलिस के उपाध्यक्ष लक्ष्मण राम से धमकी की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही दरगाह को तुरंत खाली करवाया गया और खादिम समुदाय ने पुलिस के साथ मिलकर सर्चिंग में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह धमकी फेक पाई गई है। चिश्ती के अनुसार, वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए सभी को तुरंत अलर्ट किया गया, जिससे सर्च ऑपरेशन सुचारू रूप से हो सका।
पुलिस के अनुसार, ईमेल की उत्पत्ति और इसकी वास्तविकता का पता लगाने के लिए साइबर सेल जांच कर रही है। भले ही शुरुआती जांच में धमकी झूठी निकली हो, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उर्स से पहले सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




