NIA की राजस्थान समेत 4 राज्यों में ताबड़तोड़ रेड

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को राजस्थान समेत देश के चार राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह रेड पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर कनेक्शन को लेकर की गई है।

NIA की राजस्थान समेत 4 राज्यों में ताबड़तोड़ रेड

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को राजस्थान समेत देश के चार राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह रेड पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर कनेक्शन को लेकर की गई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े मॉड्यूल के खिलाफ बताई जा रही है।

NIA की टीमों ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में एक साथ दबिश दी। राजस्थान में अजमेर और नीमराना (बहरोड़-कोटपूतली क्षेत्र) में छापेमारी की गई। इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से कई संदिग्धों से पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की साजिश

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित यह नेटवर्क भारत-पाक सीमा के जरिए ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भेजने की साजिश रच रहा था। एजेंसियों को आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों और धमाकों के लिए किया जाना था।

जांच एजेंसियों के अनुसार नेटवर्क के तार पंजाब, दिल्ली और अन्य संवेदनशील इलाकों तक जुड़े हो सकते हैं। NIA इस बात की भी जांच कर रही है कि देश के भीतर कौन-कौन लोग इस मॉड्यूल की मदद कर रहे थे और फंडिंग कहां से की जा रही थी।

राजस्थान में बढ़ाई गई सतर्कता

राजस्थान में कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अजमेर और नीमराना में सुबह से ही पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियां तेज रहीं। कई स्थानों पर संदिग्धों के इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की गई और तकनीकी सबूत जुटाए गए।

सूत्रों के अनुसार एजेंसी को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई।

फोरेंसिक जांच में जुटी एजेंसियां

NIA की टीमें अब जब्त किए गए डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया कनेक्शन और ऑनलाइन फंडिंग नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान से संचालित इस मॉड्यूल का भारत में कितना बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ ऐसे इनपुट भी मिले हैं, जिनसे आतंकी गतिविधियों और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संबंधों की पुष्टि हो सकती है। विशेष रूप से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।

जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

NIA अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। एजेंसी आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ और राज्यों में भी कार्रवाई हो सकती है।

फिलहाल NIA की छापेमारी और पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा मानते हुए हर एंगल से जांच कर रही हैं।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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