कोटा के MBS अस्पताल में दो मरीजों की मौत के बाद बवाल, डॉक्टरों से मारपीट
कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में टोंक जिले के 25 वर्षीय किशन और बूंदी जिले के करीब 65 वर्षीय मदनलाल शामिल थे।

कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में टोंक जिले के 25 वर्षीय किशन और बूंदी जिले के करीब 65 वर्षीय मदनलाल शामिल थे। दोनों को सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल लाया गया था और उनकी हालत पहले से ही बेहद गंभीर बताई जा रही थी।
इलाज के दौरान शुरू हुआ हंगामा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों मरीजों का इलाज जारी था और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे थे। एक मरीज को सीपीआर दिया जा रहा था, तभी परिजनों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वार्ड में तोड़फोड़ शुरू कर दी और मौके पर मौजूद रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट की।
रेजिडेंट डॉक्टर के साथ बदसलूकी और तोड़फोड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टर के कपड़े तक फाड़ दिए और उसे बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं, मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन सपोर्ट और केनुला भी जबरन हटा दिए गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। अस्पताल में मौजूद अन्य स्टाफ और मरीजों में इस घटना से डर और अफरा-तफरी फैल गई।
शव लेकर सड़क पर पहुंचे परिजन, किया प्रदर्शन
घटना के बाद परिजन मरीजों को बेड सहित अस्पताल के बाहर सड़क तक ले गए और वहीं धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान जो भी सामने आया, परिजनों ने उसके साथ भी अभद्रता और मारपीट की। इससे अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।
अधीक्षक को दी गोली मारने की धमकी
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि जब उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, तो एक व्यक्ति ने उन्हें सबके सामने गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद स्थिति को गंभीर देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने की कोशिश की।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
डॉ. मीणा के अनुसार, दोनों मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर थी और डॉक्टर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि परिजन संयम रखते और इलाज में बाधा नहीं डालते, तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी। प्रशासन का यह भी कहना है कि परिजन मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि से पहले ही उन्हें अस्पताल से बाहर ले गए।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मारपीट और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया है। वहीं दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इनपुट - योगेंद्र महावर, कोटा
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