
किसान मुझसे बात करें, मुख्यमंत्री से मिलवाऊंगा; हनुमानगढ़ विवाद पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दिया वार्ता का न्यौता
राजस्थान में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर बढ़ते विरोध और हनुमानगढ़ में हुई हिंसक झड़पों के बाद अब सरकार की ओर से स्थिति को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए आंदोलनकारी किसानों से सीधे संवाद की अपील की।
राजस्थान में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर बढ़ते विरोध और हनुमानगढ़ में हुई हिंसक झड़पों के बाद अब सरकार की ओर से स्थिति को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए आंदोलनकारी किसानों से सीधे संवाद की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याएं और आपत्तियां सीधे उनसे साझा करें, वह खुद किसानों को मुख्यमंत्री से मिलवाकर समाधान कराने की हर संभव कोशिश करेंगे।
मीणा ने कहा कि सरकार किसानों की चिंताओं को हल्के में नहीं ले रही, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई आगजनी, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता। “किसान आंदोलन करें, लेकिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करें,” उन्होंने यह अपील दोहराई।
कृषि मंत्री ने कहा कि एथेनॉल फैक्ट्री से प्रदूषण और पानी की गुणवत्ता खराब होने की आशंका सबसे बड़ी चिंता के रूप में सामने आई है। इस पर सरकार के पास समाधान मौजूद है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में अत्याधुनिक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जा सकता है, जिससे पानी को पूरी तरह से रीसाइकिल कर दोबारा उपयोग में लाया जा सके। इससे किसानों की पानी प्रदूषण संबंधी चिंताओं का समाधान हो जाएगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के खिलाफ कभी निर्णय नहीं लेगी। अगर किसानों को किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी या आश्वासन चाहिए, वह पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध करवाया जाएगा। मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समाधान निकालने के लिए उन्हें सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।
हालांकि, मीणा ने यह भी कहा कि अगर सभी कोशिशों के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो किसान अपने आंदोलन को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के रास्ते में भरोसा रखती है और उम्मीद करती है कि टकराव की जगह बातचीत से स्थिति सामान्य होगी।
एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर पिछले कई दिनों से हनुमानगढ़ समेत आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से भूजल प्रदूषित होगा और खेती पर असर पड़ेगा। वहीं सरकार का कहना है कि तकनीकी उपायों के जरिए पर्यावरणीय जोखिम को खत्म किया जा सकता है। अब कृषि मंत्री के बयान के बाद उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता फिर से खुलेगा और समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकेगी।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




