कर्नाटक के बाद राजस्थान की बारी? राहुल गांधी के पुष्कर दौरे से कांग्रेस में बदलाव की अटकलें शुरू
कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को अजमेर जिले के पुष्कर में आयोजित पार्टी के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे। हालांकि राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को अजमेर जिले के पुष्कर में आयोजित पार्टी के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे। हालांकि राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा है। देश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी चर्चा उनके राजस्थान दौरे की टाइमिंग को लेकर हो रही है। दरअसल, महज दो दिन पहले कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपने का निर्णय लिया है। ऐसे में राहुल गांधी का राजस्थान पहुंचना और यहां पार्टी संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ सीधे संवाद करना कई राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
कर्नाटक मॉडल से बढ़ी राजस्थान कांग्रेस की बेचैनी
कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से कांग्रेस नेतृत्व ने बदलाव का फैसला किया। 28 मई को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया और डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुना गया। 3 जून को वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस में भी संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
किशनगढ़ एयरपोर्ट पर दिखी कांग्रेस की एकजुटता
सोमवार सुबह राहुल गांधी विशेष विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और टोंक विधायक सचिन पायलट एक साथ मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं की यह एकजुटता चर्चा का विषय रही। युवा कांग्रेस विधायक विकास चौधरी ने राहुल गांधी को किसान की पहचान ‘हल’ भेंट कर स्वागत किया। वहीं, एयरपोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की।
सीधे पुष्कर पहुंचे राहुल, नेताओं संग की बैठक
किशनगढ़ एयरपोर्ट से राहुल गांधी सीधे पुष्कर स्थित वाइल्ड रोज रिसॉर्ट पहुंचे, जहां चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यहां उनके साथ प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और प्रदेश संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। शिविर के दौरान राहुल गांधी राजस्थान के 50 और दिल्ली के 15 जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधे संवाद करेंगे। बताया जा रहा है कि वे जिला अध्यक्षों और उनके परिवारों से भी अनौपचारिक माहौल में मुलाकात कर फीडबैक लेंगे।
संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक बदलावों की जो चर्चाएं ठंडी पड़ गई थीं, वे अब एक बार फिर जोर पकड़ रही हैं। चिंतन शिविर के अंतिम दिन राहुल गांधी का स्वयं मौजूद रहना और जिला स्तर के नेताओं से सीधे बातचीत करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक व्यापक फेरबदल की तैयारी कर सकती है।
गहलोत ने भाजपा पर बोला हमला
इससे पहले रविवार को शिविर के नौवें दिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों के सामने गंभीर चुनौतियां हैं तथा कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत संघर्ष करना होगा। उन्होंने जिला अध्यक्षों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।
चिंतन शिविर को माना जा रहा गेमचेंजर
पुष्कर में चल रहा यह चिंतन शिविर केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का आधार भी माना जा रहा है। ऐसे में कर्नाटक में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद राहुल गांधी का राजस्थान दौरा कांग्रेस संगठन में संभावित बदलावों और नई रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि चिंतन शिविर के बाद राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर क्या नए फैसले सामने आते हैं।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


