जैसलमेर का चायवाला निकला पाकिस्तानी जासूस; कोर्ट ने रिमांड पर भेजा
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप की खासियत यह थी कि इससे ली गई तस्वीरों और वीडियो के साथ उस स्थान की सटीक लोकेशन यानी लॉन्गिट्यूड और लैटीट्यूड की जानकारी भी रिकॉर्ड हो जाती थी।

राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए मुस्ताक अली को मंगलवार को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान के हैंडलर्स को देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां, फोटो और वीडियो भेज रहा था। अदालत ने आरोपी को 22 जून तक रिमांड पर भेज दिया है ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।
देश, सेना और BSF से जुड़ी जानकारी साझा करने का आरोप
विशेष लोक अभियोजक सुदेश सतवाण ने अदालत में बताया कि मुस्ताक अली के खिलाफ देश, भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) से संबंधित गोपनीय सूचनाएं दुश्मन देश को उपलब्ध कराने का मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।
मोबाइल फोन से मिले फोटो, वीडियो और डिजिटल फाइलें
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी के मोबाइल से कई फोटो, वीडियो और अन्य फाइलें बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सामग्री पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी गई थी। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने किन-किन सूचनाओं को साझा किया और उनका सुरक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
चाय की दुकान की आड़ में जुटाता था संवेदनशील जानकारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक मुस्ताक अली नाचना क्षेत्र में एक चाय की दुकान संचालित करता था। आरोप है कि वह इसी दुकान की आड़ में आसपास के क्षेत्रों से संवेदनशील सूचनाएं एकत्र करता था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा से जुड़े इलाकों की गतिविधियों पर उसकी विशेष नजर रहती थी और वह महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाता था।
मोबाइल में मिला विशेष Google Maps Camera ऐप
जांच के दौरान जब आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी तकनीकी जांच की गई तो एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल में एक विशेष Google Maps Camera ऐप डाउनलोड किया गया था, जिसके माध्यम से अधिकांश फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे।
लोकेशन के साथ भेजी जाती थीं तस्वीरें और वीडियो
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप की खासियत यह थी कि इससे ली गई तस्वीरों और वीडियो के साथ उस स्थान की सटीक लोकेशन यानी लॉन्गिट्यूड और लैटीट्यूड की जानकारी भी रिकॉर्ड हो जाती थी। इससे संवेदनशील स्थानों की भौगोलिक स्थिति की सटीक जानकारी साझा की जा सकती थी।
पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे गए लोकेशन आधारित डेटा
एजेंसियों का कहना है कि आरोपी द्वारा भेजी गई फाइलों में लोकेशन आधारित डेटा भी शामिल था। इससे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को संवेदनशील स्थलों की सटीक पहचान और स्थिति की जानकारी मिल सकती थी। जांच एजेंसियां अब भेजे गए डेटा का विस्तृत विश्लेषण कर रही हैं।
दो साल से पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में था आरोपी
विशेष लोक अभियोजक सुदेश सतवाण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मुस्ताक अली पिछले कम से कम दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलर्स और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में था। इस दौरान वह लगातार उनके साथ संवाद करता रहा।
हाल के दिनों में बढ़ गई थीं संदिग्ध गतिविधियां
जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ समय से आरोपी की गतिविधियां काफी बढ़ गई थीं। वह नियमित रूप से फाइलें, फोटो और वीडियो साझा कर रहा था। इसी वजह से राजस्थान इंटेलिजेंस की नजर उस पर गई और उसके खिलाफ निगरानी बढ़ाई गई।
आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क की भी जांच
सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि उसे जानकारी साझा करने के बदले किसी प्रकार का आर्थिक लाभ मिला था या नहीं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
22 जून तक होगी गहन पूछताछ
फिलहाल अदालत ने आरोपी को 22 जून तक रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास करेंगी। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले को गंभीर मानते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।


