
जयपुर में संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर पाबंदियां, इन इलाकों में नहीं उड़ेंगी पतंगें
जयपुर में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह और पतंगों के रंगीन आसमान के साथ मनाया जाएगा। हालांकि, इस बार पतंगबाजी को लेकर कुछ अहम पाबंदियां भी लागू रहेंगी।
जयपुर में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह और पतंगों के रंगीन आसमान के साथ मनाया जाएगा। हालांकि, इस बार पतंगबाजी को लेकर कुछ अहम पाबंदियां भी लागू रहेंगी। सेना दिवस (15 जनवरी) से जुड़े फ्लाई-पास्ट अभ्यास के चलते शहर के कुछ इलाकों में पतंग उड़ाने पर रोक रहेगी। साथ ही मौसम विभाग ने भी हवा और तापमान को लेकर अहम अपडेट जारी किया है, जो पतंगबाजों के लिए जानना जरूरी है।
इन इलाकों में नहीं उड़ा सकेंगे पतंग
जयपुर में सेना दिवस के मौके पर 15 जनवरी को फ्लाई-पास्ट का अभ्यास किया जाएगा। इसके तहत हेलिकॉप्टर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे। सुरक्षा कारणों से 14 और 15 जनवरी को परेड स्थल के आसपास महल रोड, हरे कृष्णा मार्ग और जगतपुरा क्षेत्र में 5 किलोमीटर की परिधि में पतंगबाजी पर रोक रहेगी। यह रोक सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक लागू रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जयपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और तय समय के दौरान पतंग न उड़ाएं।
हवा का क्या रहेगा रुख, कब मिलेगी सही उड़ान
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक 14 जनवरी को सुबह 10–11 बजे तक हवा की स्थिति कमजोर रहेगी। इस दौरान हवा की गति 4 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी कम रहने की संभावना है, जो पतंगबाजी के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
हालांकि, दोपहर 11–12 बजे के बाद हवा की रफ्तार में हल्की बढ़ोतरी होगी। इस समय उत्तर दिशा से हवा चलने की संभावना है, जिसकी गति 4 से 8 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। दोपहर करीब 3 बजे के बाद हवा की दिशा में बदलाव देखने को मिल सकता है और यह पश्चिम से पूर्व की ओर बह सकती है। ऐसे में दोपहर बाद का समय पतंग उड़ाने के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जा रहा है।
दिन में खिलेगी धूप, सर्दी से मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी राजस्थान के ऊपर एक हल्के प्रभाव वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जिसके चलते श्रीगंगानगर, बीकानेर और हनुमानगढ़ क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। इस सिस्टम के असर से अगले एक-दो दिन में तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
14 जनवरी को जयपुर और आसपास के इलाकों में आसमान साफ रहने, दिन में धूप निकलने और तापमान में हल्की बढ़ोतरी से सर्दी से कुछ राहत मिलने का अनुमान है।
15 जनवरी को भी पतंगबाजी के लिए अनुकूल हवा
मौसम विभाग का कहना है कि 15 जनवरी को भी हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम रहने की संभावना है। इस दिन उत्तर से आने वाली हवा पश्चिम दिशा की ओर मुड़ सकती है, जिससे पतंगबाजी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी।
मकर संक्रांति पर SMS में विशेष चिकित्सा इंतजाम
पतंगबाजी के दौरान घायल होने वालों के इलाज के लिए सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। 14 और 15 जनवरी को ट्रोमा सेंटर में ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी के साथ न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के एक-एक सीनियर डॉक्टर और सीनियर रेजिडेंट की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी।
मेट्रो रूट पर पतंगबाजी जानलेवा
जयपुर मेट्रो के मानसरोवर से बड़ी चौपड़ रूट पर 25 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तारों से रेल संचालन होता है, जिनमें 24 घंटे करंट रहता है। ये तार सड़क से करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर हैं। यदि पतंग या मांझा इन तारों में उलझता है, तो करंट सीधे पतंग उड़ाने वाले तक पहुंच सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
इसके अलावा पतंग और मांझे के कारण मेट्रो संचालन में बाधा भी उत्पन्न हो सकती है। जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया ने मेट्रो रूट के आसपास पतंगबाजी न करने की अपील की है।
पक्षियों के लिए हेल्पलाइन जारी
मांझे से घायल होने वाले पक्षियों की मदद के लिए मालवीय नगर स्थित राजस्थान जन मंच ट्रस्ट पक्षी अस्पताल की ओर से हेल्पलाइन नंबर 7230055800 से 05 जारी किया गया है। मकर संक्रांति के दौरान यहां विशेष कैंप भी लगाया गया है।
कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर जयपुर में पतंगबाजी का उत्साह रहेगा, लेकिन सुरक्षा नियमों और तय पाबंदियों का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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