जयपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश, ओले गिरे; 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Feb 18, 2026 09:30 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट लेकर सर्दी की वापसी का अहसास करा दिया है। सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से बुधवार तड़के राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बदलते मौसम ने जहां तापमान में गिरावट दर्ज कराई है

जयपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश, ओले गिरे; 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट लेकर सर्दी की वापसी का अहसास करा दिया है। सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से बुधवार तड़के राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बदलते मौसम ने जहां तापमान में गिरावट दर्ज कराई है, वहीं हवा में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 13 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

सुबह 4 से 7 बजे तक बरसे बादल

जयपुर में मंगलवार रात से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। देर रात तेज हवाओं के साथ बादल छाए और बिजली चमकने लगी। बुधवार सुबह करीब 4 बजे से 7 बजे तक शहर में रुक-रुक कर बारिश हुई। कई इलाकों में ओले गिरने की भी सूचना है। बारिश के बाद ठंडी हवा चलने लगी, जिससे बीते दिनों की गर्माहट पर ब्रेक लग गया।

इसी तरह अलवर, टोंक और कोटा में भी 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश दर्ज की गई। अचानक हुए इस बदलाव ने लोगों को एक बार फिर हल्की सर्दी का एहसास करा दिया है।

25 डिग्री से नीचे आया दिन का तापमान

पिछले 24 घंटों में नागौर, श्रीगंगानगर, पाली, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। नागौर में कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान में 5.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 24.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कई अन्य जिलों में भी दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे आ गया है।

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, इस सिस्टम का सर्वाधिक प्रभाव राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिलेगा। 19 फरवरी तक तापमान में हल्की गिरावट बनी रहेगी, इसके बाद 20 फरवरी से मौसम साफ होने और तापमान में पुनः बढ़ोतरी की संभावना है।

किसानों की बढ़ी चिंता

अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर सरसों की फसल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। टोंक जिले के दूनी तहसील स्थित गुलाबपुरा गांव में तेज बारिश के बाद किसानों ने बताया कि यदि ओलावृष्टि का सिलसिला बढ़ा तो तैयार खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सरसों और गेहूं की फसल दाने बनने की अवस्था में है, ऐसे में ओले गिरने से दाने झड़ सकते हैं और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

कोटा में भी बदला मौसम का मिजाज

कोटा में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 20 से 25 मिनट तक बारिश हुई। कहीं हल्की तो कहीं तेज बौछारों ने लोगों को चौंका दिया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड का असर फिर से महसूस होने लगा।

आज 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने आज राज्य के 13 जिलों में आंधी, तेज बारिश और ओले गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। साथ ही 13 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों तथा किसान फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अगले एक-दो दिन सक्रिय रहेगा। 19 फरवरी तक तापमान में हल्की गिरावट और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। 20 फरवरी के बाद आसमान साफ होने और तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी के संकेत हैं।

फिलहाल राजस्थान में मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को राहत और किसानों को चिंता—दोनों साथ दे रहा है। बारिश ने जहां बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगाया है, वहीं ओलावृष्टि की आशंका ने खेतों की हरियाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले 48 घंटे राज्य के मौसम और किसानों की उम्मीदों—दोनों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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