Hindi Newsराजस्थान न्यूज़जयपुरjaipur nagar nigam birth death certificate process changed
जयपुर नगर निगम ने बदली जन्म-मृत्यु सर्टिफिकेट प्रक्रिया, जानिए अब कहा से बनेगा सर्टिफ़िकेट

जयपुर नगर निगम ने बदली जन्म-मृत्यु सर्टिफिकेट प्रक्रिया, जानिए अब कहा से बनेगा सर्टिफ़िकेट

संक्षेप:

जयपुर नगर निगम ने आमजन की बड़ी परेशानी को खत्म करते हुए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लागू कर दिया है।

Dec 16, 2025 09:59 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
share Share
Follow Us on

जयपुर नगर निगम ने आमजन की बड़ी परेशानी को खत्म करते हुए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लागू कर दिया है। अब नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सरकारी अस्पतालों में होने वाले अधिकांश जन्म और मृत्यु मामलों के लिए लोगों को टोंक रोड स्थित नगर निगम मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आज से यह सुविधा नगर निगम के 13 जोन कार्यालयों में शुरू कर दी गई है, जहां संबंधित अस्पतालों के केस में प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अब तक स्थिति यह थी कि जयपुर के सरकारी अस्पतालों में बच्चे के जन्म या किसी की मृत्यु होने पर परिजनों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर निगम मुख्यालय जाना अनिवार्य था। कई बार यह दूरी 10 से 15 किलोमीटर या उससे अधिक होती थी, जिससे नवजात के माता-पिता और शोकाकुल परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने यह विकेंद्रीकरण का फैसला लिया है।

नगर निगम जयपुर के आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने बताया कि यह सुविधा नगर निगम के सभी 13 जोन कार्यालयों में एक साथ शुरू की गई है। अब मुख्यालय स्तर पर केवल चुनिंदा बड़े सरकारी अस्पतालों के मामलों में ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उनका कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह जन-सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि लोगों का समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत हो सके।

डॉ. सैनी ने बताया कि जयपुर शहर में कई सीएचसी और सरकारी अस्पताल ऐसे हैं, जो नगर निगम मुख्यालय से काफी दूर स्थित हैं। ऐसे में छोटे-छोटे कामों के लिए भी लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब संबंधित जोन कार्यालय में ही प्रमाण पत्र बनने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी, यानी यह सुविधा जोन कार्यालयों और मुख्यालय—दोनों जगह उपलब्ध रहेगी।

अब तक नगर निगम के जोन कार्यालयों में केवल प्राइवेट अस्पतालों में होने वाले जन्म-मृत्यु मामलों के प्रमाण पत्र ही बनाए जाते थे। नई व्यवस्था के तहत अब प्राइवेट अस्पतालों के साथ-साथ जोन क्षेत्र में आने वाले सरकारी अस्पतालों और सीएचसी में होने वाले केस के प्रमाण पत्र भी वहीं जारी किए जाएंगे। इससे जोन स्तर पर काम का दायरा बढ़ेगा, लेकिन आमजन को सीधा फायदा मिलेगा।

नगर निगम के अलग-अलग जोन कार्यालयों के तहत कई बड़े सरकारी अस्पताल और सीएचसी जोड़े गए हैं। हवा महल-आमेर जोन में सीएचसी आमेर, पं. दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल गणगौरी बाजार और राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ब्रह्मपुरी शामिल हैं। मालवीय नगर जोन में महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, रुक्मणि देवी जयपुरिया हॉस्पिटल और संतोकबा दुर्लभ जी हॉस्पिटल को जोड़ा गया है। इसी तरह सिविल लाइंस, सांगानेर, विद्याधर नगर, आदर्श नगर, झोटवाड़ा और जगतपुरा जोन में संबंधित सरकारी अस्पतालों और सीएचसी के केस अब वहीं निपटाए जाएंगे।

नगर निगम जयपुर के रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) विक्रम सिंह के अनुसार अब नगर निगम मुख्यालय में केवल छह बड़े सरकारी अस्पतालों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होंगे। इनमें सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (एसएमएस), एसएमएस सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (SSB), स्टेट कैंसर हॉस्पिटल प्रताप नगर, जेके लॉन हॉस्पिटल, RUHS हॉस्पिटल और आदर्श नगर स्थित मनोचिकित्सालय शामिल हैं।

कुल मिलाकर, नगर निगम का यह कदम जयपुर के नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया ज्यादा सरल, तेज और स्थानीय हो गई है—यानी काम भी पास में और परेशानी भी कम।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।