धुलंडी पर 9 घंटे थमेगी जयपुर मेट्रो की रफ्तार,पहले पढ़ लें ये जरूरी एडवाइजरी
होली की मस्ती के बीच अगर आप 3 मार्च को मेट्रो से सफर करने की सोच रहे हैं, तो जरा रुकिए… क्योंकि इस बार धुलंडी पर जयपुर मेट्रो की रफ्तार पूरे 9 घंटे तक थमी रहेगी।

होली की मस्ती के बीच अगर आप 3 मार्च को मेट्रो से सफर करने की सोच रहे हैं, तो जरा रुकिए… क्योंकि इस बार धुलंडी पर जयपुर मेट्रो की रफ्तार पूरे 9 घंटे तक थमी रहेगी। त्योहार के दिन सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JMRC) ने यात्री सेवाओं में आंशिक बदलाव की घोषणा की है।
मेट्रो प्रशासन के अनुसार, निर्धारित टाइम टेबल में बदलाव करते हुए सुबह 5:20 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सभी मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। यानी अगर आप सुबह के समय किसी जरूरी काम से निकलने की योजना बना रहे हैं, तो आपको वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। हालांकि राहत की बात यह है कि दोपहर 2:10 बजे से रात 10:21 बजे तक मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी।
क्यों लिया गया फैसला?
धुलंडी के दिन राजधानी जयपुर में रंगों का उत्सव अपने चरम पर होता है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में हुड़दंग, गंदगी और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, बीते वर्षों में मेट्रो परिसर में रंग और पानी के कारण फिसलन, उपकरणों की खराबी और यात्रियों की असुविधा की शिकायतें सामने आई थीं। इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है।
क्या-क्या रहेगा पूरी तरह प्रतिबंधित?
मेट्रो में प्रवेश करने से पहले यात्रियों को यह जान लेना बेहद जरूरी है कि त्योहार की आड़ में नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो परिसर, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में रंग खेलने या हुड़दंग करने की अनुमति नहीं होगी।
निम्न वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी:
गुलाल और अन्य रंग
पानी से भरी पिचकारियां
रंगीन पानी के गुब्बारे
पानी या रंग से भरी बोतलें
रंग से सने कपड़ों में प्रवेश
इसके अलावा, नशे की हालत में किसी भी यात्री को मेट्रो परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़े तो क्या होगा?
मेट्रो प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेट्रो रेलवे ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस एक्ट, 2002 के तहत मेट्रो ट्रेनों और परिसरों को गंदा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अव्यवस्था फैलाने पर जुर्माने और अन्य दंड का प्रावधान है।
अधिकारियों का कहना है कि त्योहार की खुशी अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और अन्य यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है।
आमजन से अपील
JMRC ने शहरवासियों से अपील की है कि वे होली का आनंद जिम्मेदारी के साथ लें। मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। त्योहार के उत्साह में ऐसी कोई हरकत न करें जिससे दूसरों को परेशानी हो या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।
यात्रियों के लिए क्या जरूरी है?
अगर आप दोपहर बाद मेट्रो से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने कपड़ों की स्थिति जरूर जांच लें। रंग लगे कपड़ों के साथ प्रवेश वर्जित रहेगा। साथ ही बैग की जांच के दौरान यदि प्रतिबंधित वस्तुएं पाई जाती हैं, तो उन्हें जब्त किया जा सकता है और यात्री पर कार्रवाई भी संभव है।
धुलंडी की सुबह जहां जयपुर की सड़कों पर रंगों की बौछार होगी, वहीं मेट्रो की पटरियों पर सन्नाटा पसरा रहेगा। दोपहर बाद फिर से रफ्तार लौटेगी, लेकिन नियमों के दायरे में।
तो इस होली, जरा संभलकर… क्योंकि रंगों की मस्ती अगर मेट्रो तक पहुंची, तो जेब पर जुर्माने का रंग चढ़ सकता है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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