जयपुर में रातभर बरसात; आज कोटा, बारां और झालावाड़ में ऑरेंज अलर्ट, जैसलमेर छोड़ पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जैसलमेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। अगले दो सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी। गुरुवार को प्रदेश में मानसून के प्रवेश के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। कहीं झमाझम बारिश हुई तो कहीं ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। पहले ही दिन मानसून पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया। राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में रातभर बारिश का दौर चलता रहा।
आज भी बारिश का अलर्ट, दो सप्ताह तक बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जैसलमेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। अगले दो सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण दिन के तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से हुई मानसून की एंट्री
इस बार राजस्थान में मानसून ने बंगाल की खाड़ी वाली शाखा के जरिए प्रवेश किया है। सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों दिशाओं से पहुंचता है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश होते हुए कोटा, बारां और झालावाड़ के रास्ते राजस्थान में दाखिल हुईं।
पहले दिन ही कई जिलों में दो इंच तक बारिश
मानसून की पहली बारिश ने कई जिलों में जोरदार असर दिखाया। अलवर, झुंझुनूं, सीकर, उदयपुर, भरतपुर, करौली और अजमेर के कई इलाकों में करीब दो इंच तक बारिश दर्ज की गई। वहीं झालावाड़ और बारां में भी तेज बारिश हुई। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों के भीतर मानसून पूरे राजस्थान को अपनी चपेट में ले लेगा।
13 साल में तीसरी बार जुलाई में पहुंचा मानसून
पिछले 13 वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह तीसरी बार है जब मानसून ने जुलाई महीने में राजस्थान में प्रवेश किया है। इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 में भी मानसून की एंट्री जुलाई में हुई थी। हालांकि दोनों वर्षों में बाद में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस बार भी मौसम वैज्ञानिक सामान्य से बेहतर बारिश की उम्मीद जता रहे हैं।
जयपुर में रातभर बरसते रहे बादल
राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण शहर का अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री गिरकर 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों को उमस और तेज गर्मी से बड़ी राहत मिली।
अलवर में झमाझम बारिश से खिल उठे चेहरे
अलवर में गुरुवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली। घने बादलों के बीच शुरू हुई बारिश ने पूरे जिले का माहौल बदल दिया। शाम चार बजे तक जिले में 67 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई और बाजारों में भी रौनक दिखाई दी।
सीकर में धूप और बादलों की आंख-मिचौली
सीकर में मौसम दिनभर बदलता रहा। सुबह बादलों के बीच ठंडी हवा चली, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोग अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कोटा में मानसून पहुंचा, तेज बारिश का इंतजार
कोटा में मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन शहर के लोग अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं। लगातार दूसरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही और तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
अजमेर में शाम की बारिश से मिली राहत
अजमेर में दिनभर उमस बनी रही, लेकिन शाम तक 5.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।
अब पूरे प्रदेश की निगाहें आसमान पर
मानसून की यह शुरुआत केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों और आम लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यदि अगले दो सप्ताह तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहता है तो खेतों में हरियाली लौटेगी, जलाशय भरेंगे और राजस्थान में गर्मी का लंबा दौर पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।


