मजार की छत को लेकर बवाल, जयपुर में 2 विधायकों की सड़क पर बहस का वीडियो वायरल
गुलाबी नगरी का शांत माने जाने वाला परकोटा इलाका उस समय सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब चांदपोल सब्जी मंडी स्थित एक मजार पर पक्की छत बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। संजय सर्किल के पास शुरू हुआ यह मामला कुछ ही देर में राजनीतिक टकराव में बदल गया

गुलाबी नगरी का शांत माने जाने वाला परकोटा इलाका उस समय सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब चांदपोल सब्जी मंडी स्थित एक मजार पर पक्की छत बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। संजय सर्किल के पास शुरू हुआ यह मामला कुछ ही देर में राजनीतिक टकराव में बदल गया और दो विधायकों के बीच सड़क पर तीखी बहस देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब मजार पर पक्की छत डालने का काम शुरू किया गया। निर्माण कार्य की सूचना मिलते ही हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य मौके पर पहुंचे और काम को तत्काल रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के मजार का स्वरूप बदला जा रहा है और नया निर्माण किया जा रहा है। विधायक बालमुकुंदाचार्य ने इसे जयपुर की ऐतिहासिक विरासत के साथ छेड़छाड़ बताते हुए प्रशासन से इस पर स्पष्टीकरण मांगा।
बालमुकुंदाचार्य का कहना था कि परकोटा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नियमों और अनुमति के बिना नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मजार की आड़ में अवैध निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। विधायक के मौके पर पहुंचते ही काम रुक गया, जिससे क्षेत्र में हलचल बढ़ गई।
इधर, काम रुकने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक अमीन कागजी भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद माहौल और ज्यादा गरमा गया। दोनों विधायकों के बीच सड़क पर ही तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। अमीन कागजी ने कड़े शब्दों में कहा कि बालमुकुंदाचार्य को अपने विधानसभा क्षेत्र हवामहल तक ही सीमित रहना चाहिए और दूसरे क्षेत्र में आकर माहौल खराब नहीं करना चाहिए।
कागजी ने दावा किया कि मजार पर किया जा रहा कार्य किसी भी तरह का नया निर्माण नहीं, बल्कि मरम्मत से जुड़ा हुआ है और यह पूरी तरह से कानूनी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की मरम्मत को राजनीतिक रंग देना गलत है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। दोनों पक्षों के समर्थक भी मौके पर जुटने लगे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
विधायकों के बीच बढ़ती तल्खी और संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कमान अपने हाथ में ली। पुलिस ने दोनों विधायकों और उनके समर्थकों को समझाइश कर शांत कराया और धीरे-धीरे उन्हें मौके से हटाया गया।
डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि फिलहाल इलाके में शांति है, लेकिन एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि कार्य नियमों के अनुसार पाया गया तो आगे की अनुमति दी जाएगी, वहीं किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने जयपुर की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परकोटा क्षेत्र हमेशा से आपसी सौहार्द और शांति का प्रतीक रहा है, लेकिन राजनीतिक टकराव के कारण माहौल बिगड़ना चिंता का विषय है। व्यापारियों और रहवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले का जल्द समाधान निकालकर क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


