जयपुर में JDA ने भगवान शिव को टिका दिया नोटिस, जानिए किस मामले में दिया अल्टीमेटम
राजधानी जयपुर के वैशाली नगर इलाके से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने अतिक्रमण मामले में भगवान शिव को ही नोटिस दे दिया है।

राजधानी जयपुर के वैशाली नगर इलाके से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने अतिक्रमण मामले में भगवान शिव को ही नोटिस दे दिया है। जी हां, आपने सही पढ़ा—जेडीए ने मंदिर के नाम सीधे नोटिस चस्पा कर दिया है और 7 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में लोगों में रोष फैल गया है और सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना के मुताबिक, वैशाली नगर में सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। इसी काम के तहत जेडीए ने इलाके के दुकानों और मकानों को नोटिस जारी किया। मगर सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि भगवान शिव के मंदिर परिसर को अतिक्रमण मानते हुए सीधे मंदिर के नाम नोटिस चस्पा कर दिया गया। नोटिस में कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया है।
जेडीए के नोटिस के अनुसार, जोन-7 के उपायुक्त से मिली पीटी सर्वे रिपोर्ट में मंदिर की बाउंड्री सड़क सीमा के भीतर 1.59 मीटर तक पाई गई है, जिसे अतिक्रमण माना गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मंदिर की ओर से 7 दिन के भीतर इस अतिक्रमण मामले का जवाब देना होगा। यदि जवाब नहीं दिया गया, तो जेडीए कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि नोटिस किसी व्यक्ति, समिति या ट्रस्ट को भेजा जाना चाहिए था, न कि सीधे भगवान शिव के नाम। लोगों का यह भी कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “भगवान को नोटिस देना न केवल अजीब है, बल्कि यह जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ जैसा है। जेडीए को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
यह पहली बार नहीं है जब जेडीए ने इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की हो। 21 नवंबर को गांधी पथ पर सड़क चौड़ीकरण के तहत 70 दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस दिए गए थे। वहां की योजना सड़क को 100 फीट चौड़ा करने की है। इसी कड़ी में वैशाली नगर का यह विवाद सामने आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई करते समय संवेदनशीलता और सही नामांकन जरूरी होता है। सीधे मंदिर के नाम नोटिस देना न केवल कानून की दृष्टि से विवादास्पद है, बल्कि इससे जनता की भावनाओं को भी ठेस पहुंच सकती है।
इस मामले ने अब पूरे जयपुर में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर लोग जेडीए की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भावनाओं के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं।
वैशाली नगर के भगवान शिव मंदिर और जेडीए के बीच यह विवाद अब संवेदनशील मोड़ पर पहुँच गया है। देखते हैं कि 7 दिन की समय सीमा समाप्त होने तक प्रशासन और मंदिर प्रबंधन किस दिशा में कदम उठाते हैं।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
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