
स्मैक की तलाश में जेल तोड़ी, बाइक चुराई, फिर पकड़े गए: जयपुर फरारी केस की पूरी दास्तान
जयपुर सेंट्रल जेल से शनिवार तड़के हुई दो बंदियों की फरारी का घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। 20 सितंबर की सुबह दोनों कैदी जेल की 27 फीट ऊंची दीवार फांदकर बाहर निकल गए।
जयपुर सेंट्रल जेल से शनिवार तड़के हुई दो बंदियों की फरारी का घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। 20 सितंबर की सुबह दोनों कैदी जेल की 27 फीट ऊंची दीवार फांदकर बाहर निकल गए। करंट लगने, बेहोश होने, बाइक चोरी करने और एक्सीडेंट का शिकार होने के बाद भी उनका हौसला टूटा नहीं। आखिरकार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों को धर दबोचा। यह पूरी कहानी जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की मानसिकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

फरार बंदियों की पहचान अनस उर्फ दानिश (25) निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश और नवल किशोर महावर (28) निवासी हिण्डौन सिटी करौली के रूप में हुई। अनस को 15 सितंबर को चोरी के आरोप में जेल भेजा गया था, वहीं नवल को 17 सितंबर को मालपुरा गेट थाना पुलिस ने अरेस्ट कर सेंट्रल जेल भेजा। दोनों 13 नंबर बैरक में बंद थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों स्मैक के आदी हैं। जेल में नशा नहीं मिलने पर नवल का शरीर टूटने लगा। इसी लत ने उन्हें फरार होने के लिए मजबूर किया। दोनों ने तय किया कि नशे के बिना मरने से बेहतर है जेल तोड़कर बाहर निकलना।
करीब तीन दिन तक दोनों ने भागने की प्लानिंग की। रात के अंधेरे में बैरक के बाथरूम में पहुंचे और लात मारकर रोशनदान की ग्रिल तोड़ दी। एक फीट की जगह में से निकलकर जेल परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक परिसर में घूमते रहे। महिला जेल की तरफ गए और कंबल से दीवार फांदने की कोशिश की, लेकिन कंबल फट गया। उन्होंने प्लास्टिक की कुर्सी और पानी के पाइप का सहारा लेकर दीवार पार करने की रणनीति बनाई।
दोनों ने प्लास्टिक का पाइप 27 फीट ऊंची दीवार पर फेंका। इस दौरान अनस ने जब CCTV कैमरा पकड़ा तो उसे जोरदार करंट लग गया। करंट के झटके के बाद भी हिम्मत नहीं टूटी। दोनों ने फिर कोशिश की और दीवार पर चढ़ गए। बिजली के तारों को पार करने के प्रयास में करंट से झटका खाया और दोनों दीवार से नीचे गिर पड़े। करीब 20 मिनट तक वहीं बेहोश रहे।
होश आने के बाद अनस पहले उठा और भाग निकला। कुछ देर बाद नवल भी उठ गया। जेल से दूर जाकर नवल ने मिश्रा मार्केट से बाइक चोरी की। रास्ते में अनस से मिला और दोनों एक साथ निकल पड़े। टोंक रोड पर डिवाइडर से टकराने पर बाइक हादसे का शिकार हुई। दोनों लहूलुहान हो गए और राहगीरों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचे। वहां पट्टी बंधवाकर बिना शोर-शराबे के निकल गए और बाइक को सुनसान जगह पर छोड़ दिया। इसके बाद दोनों अलग-अलग दिशा में फरार हो गए।
इस पूरी वारदात के दौरान जेल प्रहरी गहरी नींद में सोए रहे। सुबह करीब 5 बजे जब दीवार पर प्लास्टिक का पाइप लटका मिला, तब अधिकारियों को कैदियों के फरार होने का पता चला। तत्काल लालकोठी थाना पुलिस को सूचना दी गई। CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें दोनों बंदी जेल परिसर में घूमते और बाहर निकलते नजर आए।
पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश तेज की। शनिवार दोपहर को प्रताप नगर इलाके से अनस को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, नवल की तलाश के लिए पुलिस ने उन ठिकानों पर दबिश दी, जहां स्मैक बिकती है। आखिरकार रविवार सुबह करीब 5 बजे नवल को स्मैक लेने पहुंचने पर धर दबोचा गया। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जेल से कैदियों की फरारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी था। पूरे मामले में लापरवाही उजागर हुई। अब तक 11 जेल कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




