जयपुर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा; एंटी-वेनम के पहले दिन 15 तस्कर दबोचे
राजस्थान में नशे के बढ़ते नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए जयपुर रेंज पुलिस ने ‘एंटी-वेनम’ अभियान के तहत पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस विशेष ऑपरेशन के जरिए न केवल मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसा

राजस्थान में नशे के बढ़ते नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए जयपुर रेंज पुलिस ने ‘एंटी-वेनम’ अभियान के तहत पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस विशेष ऑपरेशन के जरिए न केवल मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसा, बल्कि नशे की सप्लाई चेन से जुड़े हर स्तर के अपराधियों को निशाने पर लिया है। पहले दिन की कार्रवाई में 15 मुकदमे दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे यह साफ संकेत गया है कि पुलिस अब नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के मूड में है।
नेटवर्क तोड़ने पर फोकस
जयपुर रेंज के महानिरीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देशन में 15 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान रेंज के सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित कर नशे के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाएं। पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो मादक पदार्थों की सप्लाई, वितरण और खपत को बढ़ावा देता है।
पहले दिन ही तगड़ा एक्शन
अभियान के पहले ही दिन पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। कार्रवाई के दौरान 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ये गिरफ्तारियां आगे और बड़े नेटवर्क का खुलासा कर सकती हैं।
भारी मात्रा में नशा जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 547.67 ग्राम स्मैक, 1884.84 ग्राम गांजा और 1551 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है। यह जब्ती इस बात का संकेत है कि जयपुर रेंज में नशे का कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा था। खास बात यह है कि स्मैक जैसी हाई-डिमांड ड्रग की बरामदगी से यह भी संकेत मिलता है कि शहरी इलाकों में इसका नेटवर्क गहराई तक फैला हुआ है।
सप्लाई चेन पर सीधा वार
पुलिस की रणनीति इस बार सिर्फ छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार अभियान के तहत उन सभी कड़ियों को निशाने पर लिया जा रहा है जो नशे के कारोबार को जिंदा रखती हैं—चाहे वे सप्लायर हों, डीलर हों, कंज्यूमर हों या फिर अवैध खेती करने वाले लोग। इस मल्टी-लेयर एक्शन से तस्करी के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
खुफिया तंत्र हुआ सक्रिय
अभियान के साथ ही पुलिस का खुफिया तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। मुखबिरों के जरिए मिली सूचनाओं के आधार पर लगातार दबिश दी जा रही है। कई जगहों पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई सामने आ सकती है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
जयपुर रेंज पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। अभियान के तहत न केवल तस्करों पर कार्रवाई होगी, बल्कि नशा करने वालों और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि जब तक डिमांड और सप्लाई दोनों पर एक साथ चोट नहीं की जाएगी, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
आगे और सख्ती के संकेत
पहले दिन की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘एंटी-वेनम’ अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और सख्त ऑपरेशन है। पुलिस अब लगातार छापेमारी, गिरफ्तारी और नेटवर्क ट्रेसिंग के जरिए नशे के कारोबार की कमर तोड़ने की तैयारी में है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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