15 सोने के कलश, 45 किलो चांदी और हजारों पुराने सिक्के! जयपुर की पुश्तैनी हवेली में करोड़ों के खजाने का दावा
इस मामले के सामने आने के बाद सेठी परिवार का पुराना इतिहास भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े व्यापारियों में गिने जाते थे।
जयपुर के परकोटा क्षेत्र में स्थित त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता इन दिनों किसी फिल्मी कहानी की तरह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां एक पुश्तैनी हवेली की खुदाई के दौरान करोड़ों रुपये के कथित खजाने के मिलने के दावे ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। मामला तब और दिलचस्प हो गया, जब हवेली मालिक ने आरोप लगाया कि खुदाई में मिला सोना, चांदी और पुराने सिक्के ठेकेदार और उसके साथियों ने गायब कर दिए। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल यह पूरा मामला दावों और जांच के बीच उलझा हुआ है।
हवेली मालिक का दावा- 15 सोने के कलश और 45 किलो चांदी मिली थी
हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणक चौक थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया है कि निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में 14 से 15 सोने के सिक्कों से भरे कलश, करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिले थे। उनका आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने यह पूरा खजाना आपस में बांट लिया और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी।
राहुल सेठी के अनुसार, निर्माण शुरू होने से पहले ठेकेदार को साफ निर्देश दिए गए थे कि खुदाई में मिलने वाली कोई भी बहुमूल्य वस्तु सीधे परिवार को सौंपी जाएगी। लेकिन बाद में एक मजदूर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार को दो वीडियो भी मिले, जिन्हें अब पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया है।
पुराने कारोबारी परिवार का इतिहास भी बना चर्चा का विषय
इस मामले के सामने आने के बाद सेठी परिवार का पुराना इतिहास भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े व्यापारियों में गिने जाते थे। उनका मुंबई में जीडी मावा वाला एंड कंपनी के नाम से बड़ा मिठाई कारोबार था।
परिवार के इतिहास के अनुसार, बद्रीनारायण सेठी की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी से दुर्गालाल सेठी और दूसरी पत्नी से घनश्याम सेठी हुए। घनश्याम सेठी के पुत्र तरुण सेठी और राहुल सेठी हैं। पुराने शहर के लोगों का कहना है कि सेठी परिवार लंबे समय तक जयपुर के प्रतिष्ठित और संपन्न व्यापारिक परिवारों में शामिल रहा है।
स्थानीय लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही चर्चा- ‘क्या सच में मिला खजाना?’
विद्याधर का रास्ता इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले जब यह हवेली तोड़ी जा रही थी, तभी से खजाना मिलने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
स्थानीय निवासी अमित बताते हैं कि उन्होंने खुद खजाना नहीं देखा, लेकिन इलाके में लगातार यह चर्चा थी कि खुदाई के दौरान कुछ कीमती सामान निकला है। वहीं दुकानदार राजा रामचंदानी का कहना है कि उस समय भी लोग कह रहे थे कि हवेली में वर्षों पुराना सोना-चांदी दबा हो सकता है। अब जब मामला पुलिस तक पहुंच गया है तो चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है।
हालांकि स्थानीय लोग यह भी मानते हैं कि यदि वास्तव में कोई खजाना मिला है तो उसका अधिकार हवेली मालिक का होना चाहिए। दूसरी ओर कई लोग पूरे मामले को अफवाह और दावे के रूप में भी देख रहे हैं, क्योंकि अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
ऐतिहासिक इलाके में आज भी मौजूद हैं कई सदियों पुरानी हवेलियां
विद्याधर का रास्ता जयपुर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक इलाकों में शामिल है। यहां आज भी कई प्राचीन हवेलियां मौजूद हैं, जिनसे जुड़ी कहानियां वर्षों से लोगों के बीच सुनाई जाती रही हैं। यही वजह है कि इस कथित खजाने की कहानी ने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, वीडियो और साक्ष्य खंगाले जा रहे
जयपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पेन ड्राइव सहित अन्य साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार, जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हवेली से वास्तव में कोई खजाना मिला था या फिर यह केवल दावा है।
फिलहाल जयपुर का सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सचमुच सदियों पुरानी हवेली के नीचे करोड़ों का खजाना छिपा था, या फिर यह सिर्फ अफवाह और आरोपों की कहानी है? इसका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।


