हथियार, कारतूस और टाइगर खाल… जयपुर में लाइसेंस की आड़ में हथियारों की तस्करी
राजधानी जयपुर में लाइसेंसी गन हाउस की आड़ में अवैध हथियारों का कारोबार सामने आने से हड़कंप मच गया है। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की सूचना पर पुलिस ने एमआई रोड स्थित ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) को गिरफ्तार किया है।

राजधानी जयपुर में लाइसेंसी गन हाउस की आड़ में अवैध हथियारों का कारोबार सामने आने से हड़कंप मच गया है। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की सूचना पर पुलिस ने एमआई रोड स्थित ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अवैध राइफल, 282 कारतूस और टाइगर की खाल बरामद हुई है। इस पूरे मामले ने हथियारों के अवैध नेटवर्क और लाइसेंसी दुकानों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ATS कार्रवाई से खुला पूरा नेटवर्क
दरअसल, इस मामले की शुरुआत 1 अप्रैल को जोधपुर में हुई कार्रवाई से हुई। ATS ने डांगियावास क्षेत्र में एक कार से जैसलमेर निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां और एलडीसी वांगे को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 12 बोर की अवैध बंदूक और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। पूछताछ में सामने आया कि यह हथियार जयपुर के ‘शिकार गन हाउस’ से खरीदा गया था, जिसके बाद ATS टीम जयपुर पहुंची और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गन हाउस और घर पर एक साथ छापे
ATS और जयपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को पहले एमआई रोड स्थित गन हाउस पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यहां से रिकॉर्ड जब्त कर सील कर दिया गया। इसके बाद रामगंज इलाके के मोहल्ला बिसायतियान स्थित आरोपी के तीन मंजिला घर पर करीब तीन घंटे तक तलाशी ली गई। इस दौरान पुलिस को एक .22 एलआर बोल्ट एक्शन राइफल, 282 कारतूस और टाइगर की पुरानी खाल मिली।
गन हाउस की आड़ में अवैध कारोबार
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लाइसेंसी गन हाउस की आड़ में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य जिलों तक फैला हो सकता है। आरोपी ने पूछताछ में कई लोगों को हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकार की है, हालांकि पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
रिकॉर्ड में हेरफेर का भी शक
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने हथियारों के रिकॉर्ड में हेरफेर किया। 12 बोर की बंदूक के बदले पुरानी 18 बोर बंदूक का नंबर पंच कर दिया गया, जिससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी छुपाई जा सके। पुलिस के अनुसार, जब्त रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने हथियार अवैध रूप से बेचे गए।
वन्यजीव अपराध का भी मामला
आरोपी के घर से मिली टाइगर की खाल ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर जांच कर खाल को असली बताया है। अब इसे फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
पुराने कारोबार की आड़ में नया खेल
एमआई रोड स्थित ‘शिकार गन हाउस’ करीब 50 साल पुराना प्रतिष्ठान बताया जा रहा है। इसी पुराने और भरोसेमंद कारोबार की आड़ में अवैध हथियारों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसमें कोई अन्य सरकारी कर्मचारी या दलाल भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस और ATS की संयुक्त जांच जारी
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम जांच कर रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
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