हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसान महापंचायत, प्रदूषण जांच की उच्च स्तरीय समिति गठित; प्रशासन हाई अलर्ट
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित धान मंडी में टिब्बी के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसान महापंचायत शुरू हो गई। महापंचायत का निर्धारित समय दोपहर 12 बजे था

हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित धान मंडी में टिब्बी के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसान महापंचायत शुरू हो गई। महापंचायत का निर्धारित समय दोपहर 12 बजे था, लेकिन किसान सुबह से ही धान मंडी पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।
किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर बुलाई गई इस महापंचायत में मंच से ऐलान किया गया कि यदि किसानों को रास्ते में पुलिस द्वारा रोका गया तो इसकी सूचना तुरंत समिति को दी जाए। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन किसानों को धान मंडी में आने से नहीं रोका गया। प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
इसी बीच, बुधवार सुबह सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का आदेश सार्वजनिक किया गया। आदेश के अनुसार, टिब्बी में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से संभावित भूजल दोहन और पर्यावरणीय प्रदूषण की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।
इस समिति के अध्यक्ष बीकानेर संभागीय आयुक्त होंगे। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशिष्ट शासन सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति में हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता और भूजल विभाग के मुख्य अभियंता को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
महापंचायत में किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग राठीखेड़ा में बन रही एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने की है। इसके साथ ही किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने और टिब्बी में हुए टकराव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। किसान नेताओं का कहना है कि फैक्ट्री से क्षेत्र के भूजल स्तर और पर्यावरण पर गंभीर खतरा है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसान महापंचायत को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। धान मंडी के मुख्य गेट को छोड़कर अन्य सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं और वहां ट्रॉलियां लगाई गई हैं। कलेक्ट्रेट से करीब आधा किलोमीटर पहले ही रास्ता बंद कर दिया गया है। कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।
चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड राठीखेड़ा में 40 मेगावाट क्षमता का अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट स्थापित कर रही है। कंपनी का दावा है कि यह प्लांट केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) योजना को समर्थन देगा।
सितंबर 2024 से जून 2025 तक करीब 10 महीने किसानों ने शांतिपूर्ण विरोध किया। जुलाई 2025 में कंपनी द्वारा चारदीवारी निर्माण शुरू करने के बाद विरोध तेज हो गया। 19 नवंबर 2025 को पुलिस सुरक्षा में फैक्ट्री निर्माण फिर शुरू हुआ, जिसके बाद किसान नेता महंगा सिंह समेत 12 से अधिक नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
10 दिसंबर को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर फैक्ट्री साइट पहुंचे, जहां दीवार तोड़ दी गई और पुलिस से झड़प हुई। इसी पृष्ठभूमि में अब महापंचायत के जरिए किसान अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

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Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
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