पेपर आउट करने वालों को सत्ता से आउट करें, डोटासरा का केंद्र पर कटाक्ष, अपनी ही पार्टी को भी दी नसीहत
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है। गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं को भी आईना दिखाया।

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है। गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं को भी आईना दिखाया। जयपुर के आरएएस क्लब में आयोजित कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में उन्होंने नेताओं के जमीनी जुड़ाव पर सवाल उठाए।
नेताओं के जमीनी जुड़ाव पर सवाल
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस में कई नेता विधायक, मंत्री या सांसद बनने के बाद “जमीन से दो फीट ऊपर चलने लगते हैं।” उन्होंने इसे पार्टी की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि जनता से दूरी बढ़ने पर संगठन कमजोर होता है और राजनीतिक पकड़ ढीली पड़ जाती है।
संगठन की जिम्मेदारी निभाने की नसीहत
उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी। डोटासरा ने कहा कि अगर कांग्रेस के नेता पार्टी की विचारधारा, संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को जनता के बीच मजबूती से रखें, तो बीजेपी के पास इसका जवाब नहीं होगा।
नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार पर हमला
नीट पेपर लीक मामले को लेकर डोटासरा ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं और 2024-25 सहित तीन बार पेपर लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी तब तक सक्रिय नहीं हुई, जब तक राजस्थान से सबूत नहीं दिए गए।
प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए डोटासरा ने कहा कि वे “मन की बात” करते हैं, लेकिन “काम की बात” नहीं करते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “परीक्षा पर चर्चा” तो करते हैं, लेकिन पेपर लीक रोकने में नाकाम रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
डोटासरा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े घोटाले में मंत्री की जवाबदेही बनती है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था। उन्होंने एनटीए में गलत नियुक्तियों का आरोप भी लगाया।
23 लाख छात्रों के भविष्य पर चिंता
डोटासरा ने कहा कि इस पूरे मामले में करीब 23 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया तक नहीं आई, जो बेहद चिंताजनक है।
युवाओं से राजनीतिक बदलाव की अपील
अपने भाषण के अंत में डोटासरा ने युवाओं से अपील की कि अब समय आ गया है “पेपर आउट करने वालों को सत्ता से आउट” किया जाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक बदलाव की जरूरत बताते हुए युवाओं से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को कहा।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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