काम की बात : किसानों के लिए नया नियम! Farmer ID से ही मिलेगा खाद्य-बीज,राजस्थान से मंत्री शिवराज का बड़ा ऐलान

Apr 07, 2026 06:15 pm ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजधानी जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ा और दूरगामी असर वाला एलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खेती का आधार “फार्मर आईडी” होगी और खाद-बीज का वितरण भी इसी आईडी के माध्यम से किया जाएगा। 

किसानों के लिए नया नियम! Farmer ID से ही मिलेगा खाद्य-बीज,राजस्थान से मंत्री शिवराज का बड़ा ऐलान

राजधानी जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ा और दूरगामी असर वाला एलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खेती का आधार “फार्मर आईडी” होगी और खाद-बीज का वितरण भी इसी आईडी के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के हर राज्य का अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसकी शुरुआत राजस्थान से होगी।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के कृषि मंत्री भी मौजूद रहे। सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के भविष्य, चुनौतियों और समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी कृषि विकास की बात होती है, राजस्थान का नाम प्रमुखता से सामने आता है। उन्होंने प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यहां कृषि क्षेत्र को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि जीवनदाता हैं और उनके बिना देश की अर्थव्यवस्था की कल्पना अधूरी है।

Farmer ID से होगा खाद-बीज वितरण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए “फार्मर आईडी” को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में खाद और बीज का वितरण इसी आईडी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे वास्तविक किसानों तक लाभ सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने राज्यों से अपील की कि मिशन मोड में Farmer ID का काम पूरा किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को अधिकतम लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार नए वित्तीय वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए बजट जारी करेगी, लेकिन उसके प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी राज्यों की होगी।

कृषि के लिए तीन बड़े लक्ष्य तय

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र के लिए सरकार के तीन प्रमुख लक्ष्यों का जिक्र किया। पहला लक्ष्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि 140 करोड़ लोगों के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। दूसरा लक्ष्य आत्मनिर्भरता है, खासकर दलहन और तिलहन के उत्पादन में, क्योंकि इनकी कमी के चलते देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। तीसरा लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है, लेकिन दलहन और तिलहन में सुधार की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने 6 सूत्रीय रणनीति तैयार की है, जिस पर तेजी से काम किया जाएगा।

राजस्थान से शुरू होगा कृषि रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में कुल पांच रीजनल कृषि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन, मिट्टी, जलवायु और फसलों के आधार पर रणनीति बनाई जाएगी। इन सम्मेलनों के जरिए हर राज्य का अलग कृषि रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के लिए गौरव की बात है कि इस पहल की शुरुआत यहीं से हो रही है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने गिनाईं प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के “सशक्त किसान, समृद्ध भारत” के विजन को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और जल प्रबंधन योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नई नीतियों और योजनाओं के जरिए खुशहाली की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक नीति निर्माता और शोधकर्ता खेतों की वास्तविक समस्याओं को नहीं समझेंगे, तब तक किसानों का समग्र विकास संभव नहीं है।

जयपुर में आयोजित यह सम्मेलन न केवल कृषि क्षेत्र के लिए नई दिशा तय करता है, बल्कि Farmer ID जैसी पहल के जरिए किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह योजना कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

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सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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