साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर ED का शिकंजा,राजस्थान-पंजाब में दबिश

Sachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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साइबर अपराध के जरिए काली कमाई करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को राजस्थान और पंजाब में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने राजस्थान के जोधपुर, नागौर और किशनगढ़ सहित पंजाब के लुधियाना में कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की। 

साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर ED का शिकंजा,राजस्थान-पंजाब में दबिश

साइबर अपराध के जरिए काली कमाई करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को राजस्थान और पंजाब में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने राजस्थान के जोधपुर, नागौर और किशनगढ़ सहित पंजाब के लुधियाना में कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड के लिए सिमकार्ड खरीदने और उन्हें अपराधियों तक पहुंचाने से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच के तहत की गई।

जोधपुर की शिकायत के आधार पर कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, मामले की शुरुआत जोधपुर के बासनी स्थित साइबर क्राइम शाखा में दर्ज एक शिकायत से हुई थी। शिकायत में सिमकार्डों की अवैध खरीद-फरोख्त और उनके जरिए साइबर अपराधों को अंजाम देने की जानकारी सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपए के लेनदेन और संगठित नेटवर्क के संकेत मिलने के बाद मामला ईडी के संज्ञान में आया।

ईडी ने शिकायत और जांच से प्राप्त तथ्यों के आधार पर शुक्रवार सुबह विभिन्न राज्यों में एक साथ छापेमारी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई।

साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे सिमकार्ड

जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोग बड़ी संख्या में मोबाइल सिमकार्ड खरीदकर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। इन सिमकार्डों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड, निवेश घोटालों और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा था।

बताया जा रहा है कि नेटवर्क से जुड़े लोग फर्जी दस्तावेजों या अन्य तरीकों से सिमकार्ड हासिल कर उन्हें साइबर गिरोहों को बेचते थे। इससे अपराधियों को अपनी पहचान छिपाने और विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाने में मदद मिलती थी।

राजस्थान के तीन शहरों में छापेमारी

ईडी की टीमों ने राजस्थान में जोधपुर के तीन ठिकानों, नागौर के दो ठिकानों और किशनगढ़ के एक ठिकाने पर एक साथ दबिश दी। वहीं पंजाब के लुधियाना में भी एक स्थान पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए।

अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसके माध्यम से साइबर अपराधियों को तकनीकी व लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अवैध गतिविधियों से कितनी संपत्ति अर्जित की है।

विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं तार

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क के तार विदेशों तक फैले हो सकते हैं। साइबर ठगी के कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की संलिप्तता सामने आती रही है। ऐसे में ईडी इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है कि सिमकार्डों की आपूर्ति और साइबर फ्रॉड के जरिए प्राप्त रकम का इस्तेमाल किन-किन देशों या संगठनों तक पहुंच रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। ईडी की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है।

आगे और खुलासों की संभावना

ईडी की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि छापेमारी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

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सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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