CM व्यस्त हैं तो गृह मंत्रालय छोड़ दे; राजस्थान के इन मुद्दों पर गहलोत ने कसा तंज

Sachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सिलिकोसिस पीड़ितों की स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं

CM व्यस्त हैं तो गृह मंत्रालय छोड़ दे; राजस्थान के इन मुद्दों पर गहलोत ने कसा तंज

प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सिलिकोसिस पीड़ितों की स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के पास हालात संभालने का समय नहीं है। ऐसे में उन्हें गृह मंत्रालय किसी और को सौंप देना चाहिए।

गहलोत रविवार रात दौसा जिले के मानपुर कस्बे की गोलावाली ढाणी में सिलिकोसिस पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रदेश की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जैसलमेर में डकैती और जयपुर समेत कई जगहों पर अपराध की घटनाएं हो रही हैं। “प्रदेश में आए दिन कुछ ना कुछ हो रहा है, ऐसे हालात कब तक चलेंगे,” उन्होंने सवाल उठाया।

सिलिकोसिस पीड़ितों की हालत देख भावुक हुए गहलोत

गोलावाली ढाणी में कई सिलिकोसिस मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे सांस लेते देख गहलोत भावुक हो गए। परिजनों ने उन्हें बताया कि मरीजों के कार्ड बनाने में भ्रष्टाचार हो रहा है और सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। इस पर गहलोत ने पूर्व मंत्री ममता भूपेश को तत्काल पीड़ितों की मदद करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह बीमारी बेहद खतरनाक है और एक बार होने के बाद मरीज की जिंदगी लगातार जोखिम में रहती है। “पहले इस बीमारी को टीबी समझकर इलाज किया जाता था, क्योंकि लक्षण मिलते-जुलते थे। लेकिन हमारी सरकार ने इसे गंभीरता से लेकर अलग पहचान दी और मरीजों के लिए 5 लाख रुपए के पैकेज की व्यवस्था की,” गहलोत ने बताया।

सरकार बनाए कमेटी, करे सख्त मॉनिटरिंग

गहलोत ने राज्य सरकार से मांग की कि सिलिकोसिस मामलों की निगरानी के लिए विशेष कमेटी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि माइंस संचालकों को सख्ती से नियमों का पालन कराना चाहिए और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि दो महीने पहले दौसा अस्पताल में उन्होंने खुद मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे देखा था, जो इस बीमारी की गंभीरता को दर्शाता है। “सरकार का ध्यान इस ओर जाना बेहद जरूरी है,” उन्होंने कहा।

“50 से ज्यादा विधवाएं, हालात बेहद चिंताजनक”

गहलोत ने इलाके की स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि एक ही ढाणी में 50 से अधिक विधवा महिलाएं हैं। “हम यह सब देखकर विचलित हैं। पूरे जोधपुर, करौली और दौसा क्षेत्र में क्या हो रहा है, यह सरकार को समझना होगा,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि सांसद मुरारीलाल मीणा ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने भी टीम भेजी थी। गहलोत ने कहा कि यदि किसी डॉक्टर की गलती सामने आई है, तो उस पर कार्रवाई हुई है, लेकिन इसके बाद अन्य डॉक्टरों ने काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। “अब सर्टिफिकेट बनाने के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं, यह बेहद गंभीर मामला है,” उन्होंने जोड़ा।

“कागजों में सीमित रह गई पॉलिसी”

सिलिकोसिस पॉलिसी के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। “लोगों ने बताया कि सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं और कई केस लंबित पड़े हैं। यह स्थिति खतरनाक है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब एक हजार करोड़ रुपए की सहायता पीड़ितों को वितरित की गई थी, लेकिन वर्तमान में कई मामलों में देरी हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे खुद इस मामले की समीक्षा करें।

सोशल मीडिया पर भी दिया जवाब

वहीं, बांदीकुई में एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें “ट्विटर मास्टर” कहे जाने पर गहलोत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “अगर हम ट्विटर मास्टर हैं तो इसमें बुरा क्या है? सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में संदेश पहुंचता है।”

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने भी सोशल मीडिया का उपयोग कर चुनाव जीता है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी करना समझ से परे है।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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