मैं पूरे दस्तावेज लेकर आया था,कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी; राजस्थान विधानसभा में गरजे CM भजनलाल शर्मा

Feb 22, 2026 02:38 pm ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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सदन में शनिवार को सियासी तापमान उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हंगामे के बीच ही सरकार के दो साल के कामकाज पर जवाब देना शुरू किया। 

मैं पूरे दस्तावेज लेकर आया था,कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी; राजस्थान विधानसभा में गरजे CM भजनलाल शर्मा

सदन में शनिवार को सियासी तापमान उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हंगामे के बीच ही सरकार के दो साल के कामकाज पर जवाब देना शुरू किया। विपक्ष के बहिष्कार के बीच सीएम ने तीखा हमला बोलते हुए कहा—“मैं पूरे दस्तावेज लेकर आया था, लेकिन कांग्रेस के लोगों में सच्चाई सुनने का साहस नहीं था, इसलिए मैदान छोड़कर भाग गए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने “पांच साल बनाम दो साल” की बहस की चुनौती दी थी, जिसे सरकार ने स्वीकार किया। “हमने संकल्प पत्र 2023 के 352 बिंदुओं में से 285 बिंदुओं को दो साल में ही क्रियान्वित कर दिया है। कांग्रेस के कामों का कॉलम खाली है, वे बहस क्या करेंगे?”—सीएम ने यह कहते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उनके जवाब के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।

डोटासरा–जूली विवाद पर सीएम का तंज

सीएम ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच कथित खींचतान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा—“डोटासरा नहीं चाहते थे कि जूली बोलें, इसलिए हंगामा करवाया गया। प्रतिपक्ष का नेता कोई और बनना चाहता है। ये मेरी आवाज नहीं दबा पाएंगे।”

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने दो साल के प्रतिवेदन पर बहस का प्रस्ताव रखा, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। कांग्रेस का कहना था कि बीएसी में “पांच साल बनाम दो साल” पर चर्चा तय हुई थी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष की आपत्तियां खारिज कर दीं। बहस के स्वरूप को लेकर शुरू हुआ विवाद चार बार कार्यवाही स्थगन तक पहुंचा।

BAP की नारेबाजी, सीबीआई जांच की मांग

राजस्व की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायकों ने सदन में पोस्टर लहराते हुए पेपरलीक और भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग की। विधायक सीबीआई जांच की मांग लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे और बेरोजगारों को न्याय दिलाने के नारे लगाए।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने नारेबाजी के बीच डोटासरा की ओर इशारा करते हुए टिप्पणी की—“मेरे साढ़ू डोटासरा जी को सुनाओ, ये बहरे हो गए हैं।” कुछ देर बाद माहौल शांत हुआ, लेकिन सदन में सियासी तल्खी बनी रही।

BAP विधायक थावरचंद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में हुए पेपरलीक और भर्ती घोटालों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “सरकार से उम्मीद थी कि दोषियों को जेल भेजेगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ,” उन्होंने कहा। बहस के बाद राजस्व विभाग की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं।

400 करोड़ के घोटाले का आरोप

बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने पिछली कांग्रेस सरकार पर चारागाह भूमि आवंटन में 400 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीसलपुर विस्थापितों को मुआवजे के नाम पर दी गई जमीन प्रभावशाली नेताओं के चहेतों को अलॉट कर दी गई। “ग्रामीण विरोध करते रहे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। रात में दफ्तर खोलकर रजिस्ट्रियां की गईं,” उन्होंने दावा किया।

कांग्रेस विधायक के आरोप

कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी ने झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडावा क्षेत्र में हवेलियों और जमीन पर कब्जे की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। “मैंने प्रभारी मंत्री को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया,” उन्होंने कहा।

राजस्व मंत्री से चूक

राजस्व की अनुदान मांगों का प्रस्ताव रखते समय राजस्व मंत्री हेमंत मीणा से राशि बोलने में चूक हो गई। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उन्हें सही राशि के साथ दोबारा प्रस्ताव रखने को कहा।

कुल मिलाकर, शनिवार को सदन में “दो साल बनाम पांच साल” की बहस सियासी आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और वॉकआउट के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गई। मुख्यमंत्री जहां अपने दो साल के कामकाज को उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं विपक्ष प्रक्रिया और वादों के सवाल उठा रहा है। सोमवार को सदन की कार्यवाही फिर शुरू होगी—देखना होगा कि बहस दस्तावेजों से आगे बढ़कर आंकड़ों की ठोस टक्कर में बदलती है या सियासत का शोर फिर हावी रहता है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

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सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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