CJP की मुहिम के बीच राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने बताया स्कूलों के लिए क्या कर रही सरकार
सरकार के अनुसार विद्यालय आधारभूत कोष के साथ नए स्कूल भवनों का निर्माण, पुराने भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्ष और प्रयोगशालाओं का निर्माण तथा छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से चल रही ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकार की ओर से किए जा रहे कामों का ब्योरा सामने रखा है। दिलावर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सरकारी विद्यालयों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने स्कूलों की कमियां सामने लाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताया, लेकिन साथ ही समाधान के लिए संवाद, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता पर जोर दिया।
शिक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP की टीम प्रदेश के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं की स्थिति सामने लाने का अभियान चला रही है। हाल ही में जयपुर के रामपुरा गांव में CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था। इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति और स्कूल निरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
दो बजटों में 12,335 करोड़ की कार्ययोजना
मदन दिलावर ने अपने पोस्ट में बताया कि पिछले दो बजटों में विद्यालयी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 12,335 करोड़ रुपए की कार्ययोजना सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार का फोकस सिर्फ स्कूलों की इमारत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार विद्यालय आधारभूत कोष के साथ नए स्कूल भवनों का निर्माण, पुराने भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्ष और प्रयोगशालाओं का निर्माण तथा छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
स्मार्ट क्लास से साइंस लैब तक पर जोर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए स्मार्ट क्लास, ICT और साइंस लैब पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सुविधाओं के लिए 697 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किए जाने की बात उन्होंने कही।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों यानी KGBV और छात्रावासों में भी सुविधाओं के विस्तार का दावा किया गया है। सरकार का तर्क है कि सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया में डिजिटल शिक्षा और प्रयोग आधारित पढ़ाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
20 हजार से ज्यादा स्कूलों में काम का दावा
दिलावर के मुताबिक DMFT, SDRF और मुख्यमंत्री जनसहभागिता जैसे माध्यमों से प्रदेश के 20 हजार से अधिक विद्यालयों में सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं। यानी स्कूलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग के बजट के अलावा अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि स्कूलों का विकास केवल भवन, कमरे या दीवारों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक शिक्षक, अभिभावक, SDMC/SMC, जनप्रतिनिधि, स्थानीय समुदाय और शिक्षा विभाग मिलकर काम करें, तभी विद्यालयों का सर्वांगीण विकास प्रभावी तरीके से हो सकता है।
CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच आया बयान
दिलावर का यह बयान CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CJP की ओर से सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की कमियां सामने लाने का अभियान चलाया जा रहा है। संगठन का जोर स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, भवनों, कक्षा-कक्षों और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को सार्वजनिक करने पर है।
ऐसे में शिक्षा मंत्री ने सीधे तौर पर अभियान का नाम लिए बिना कहा कि विद्यालयों की कमियों को सामने लाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि समस्याओं का समाधान संवाद, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता से ही निकलेगा।
यानी एक तरफ CJP स्कूलों की जमीन पर मौजूद तस्वीर दिखाने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ सरकार अपने स्तर पर चल रहे निर्माण और सुधार कार्यों के आंकड़े सामने रख रही है। अब असली सवाल यही है कि बजट और योजनाओं में किए गए प्रावधानों का असर सरकारी स्कूलों की जमीन पर कितनी तेजी से दिखाई देता है।
शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश का अंत भी इसी बड़े लक्ष्य के साथ किया—सरकारी विद्यालय मजबूत होंगे, तो राजस्थान का भविष्य मजबूत होगा।
CJP की मुहिम और सरकार के दावों के बीच अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर बहस और तेज होने के आसार हैं।


