बीकानेर कोर्ट को बम धमकी...मेल में छुपा चौंकाने वाला दावा
बीकानेर शहर के अदालत परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार रात कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आए धमकी भरे संदेश के बाद सोमवार सुबह पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया।

बीकानेर शहर के अदालत परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार रात कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आए धमकी भरे संदेश के बाद सोमवार सुबह पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी करते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ई-मेल में चौंकाने वाले दावे और धमकी
धमकी भरे ई-मेल में दावा किया गया कि मौत की सजा पाए कुछ पुलिसकर्मी बेकसूर हैं, जबकि असली दोषी राजनीतिक आका और उच्च पुलिस अधिकारी हैं। मेल में यह भी लिखा गया कि निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर गैर-कानूनी आदेशों का पालन करने का दबाव बनाया जाता है, जिसमें कस्टोडियल यातनाएं भी शामिल हैं।
संदेश में “मैथ्यू वैनडाइक” और “जाफर सादिक (DMK)” को रिहा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो सोमवार दोपहर 1:15 बजे अदालत परिसर में साइनाइड गैस से भरे 14 IED बमों से विस्फोट किया जाएगा।
सुबह होते ही मचा हड़कंप, खाली कराया गया परिसर
सोमवार सुबह जैसे ही प्रशासन को ई-मेल की जानकारी मिली, सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और आमजन की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिन्होंने पूरे परिसर की गहन जांच की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोर्ट के हर हिस्से—कोर्ट रूम, गलियारों, पार्किंग और आसपास के क्षेत्र—की बारीकी से तलाशी ली गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।
एक महीने में दूसरी बार धमकी, बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि बीते एक महीने में यह दूसरी बार है जब बीकानेर के कोर्ट परिसर को इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले मार्च के पहले सप्ताह में भी बीकानेर और लूणकरनसर कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों, जैसे हेड पोस्ट ऑफिस, को भी पहले इस तरह के धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं।
जांच एजेंसियां अलर्ट, सुरक्षा कड़ी
घटना के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य जांच एजेंसियां मौके पर तैनात रहीं। पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
इसके साथ ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है।
बार एसोसिएशन ने जताई चिंता
बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पहले मिली धमकी के आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है और एक बार फिर इसी तरह की घटना सामने आना चिंताजनक है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस का बयान - स्रोत की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरे ई-मेल की सत्यता की जांच की जा रही है और उसके स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साइबर टीम को भी जांच में शामिल किया गया है, जो ई-मेल के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार का खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
लगातार मिल रही धमकियों के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि शहर की कानून-व्यवस्था और न्यायिक व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का खतरा न मंडरा सके।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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