
भारतमाला एक्सप्रेस-वे बना मौत का हाइवे,जोधपुर में एक साथ उठीं 12 अर्थियां
राजस्थान के जोधपुर जिले के फलोदी इलाके में रविवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पूरे शहर में मातम पसरा हुआ है। देवउठनी एकादशी के दिन कपिल मुनि के दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी ट्रक से टकरा गई, जिसमें 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं।
राजस्थान के जोधपुर जिले के फलोदी इलाके में रविवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पूरे शहर में मातम पसरा हुआ है। देवउठनी एकादशी के दिन कपिल मुनि के दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी ट्रक से टकरा गई, जिसमें 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं। हादसा इतना भयावह था कि टेम्पो ट्रैवलर के आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और लाशें सड़क पर बिखर गईं।

सोमवार को जब जोधपुर के सूरसागर इलाके में अंतिम संस्कार शुरू हुआ तो पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। मोक्ष धाम में एक साथ 12 चिताएं जलती देख हर आंख नम हो उठी। मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल थे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी मोक्ष धाम पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर सांत्वना दी।
नैणची बाग के खटुकड़ी का बास में तो दर्द की सीमा टूट गई, जब एक ही घर में छह शव पहुंचे। खुश सांखला, उसकी मां मधु सांखला, गीता, सानिया, दिशा और रामेश्वरी की अर्थियां एक साथ उठीं। आसपास के लोग और रिश्तेदार उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे, जहां माहौल करुण चीखों से भर गया।
हादसा रविवार शाम करीब 6:30 बजे फलोदी के मतोड़ा क्षेत्र में हुआ। श्रद्धालु जोधपुर के सूरसागर से कोलायत (बीकानेर) स्थित कपिल मुनि आश्रम दर्शन के लिए गए थे। लौटते वक्त भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर उनका टेम्पो ट्रैवलर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैवलर के परखच्चे उड़ गए। हादसे में मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
मरने वालों में चार बच्चे, दस महिलाएं और ड्राइवर शामिल हैं। घायलों का इलाज फलोदी अस्पताल में जारी है।
भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे किनारे बने अवैध ढाबों और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे अवैध निर्माण और वाहन खड़े होने से बार-बार हादसे हो रहे हैं, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जोधपुर की एडीएम अंजुम ताहिर ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन परिवारों में तीन या उससे अधिक सदस्यों की मौत हुई है, उन्हें 25 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मृतक आश्रितों को 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
सूरसागर और आसपास के इलाकों में मातम पसरा हुआ है। जिन गलियों में पहले हंसी-खुशी का माहौल था, अब वहां सिर्फ सन्नाटा है। लोग बताते हैं कि पूरा परिवार हर साल कपिल मुनि आश्रम दर्शन के लिए जाता था, लेकिन इस बार किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि सबकी चिताएं एक साथ जल उठीं।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




