बंगाल में ममता बनर्जी की हार, राजस्थान के वीरेंद्र ने गधों को खिलाए 11 किलो गुलाब जामुन

Sachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत ने देशभर में सियासी माहौल गरमा दिया है। जहां एक तरफ राजनीतिक विश्लेषण जारी है, वहीं दूसरी ओर पार्टी कार्यकर्ता जीत का जश्न अपने-अपने अंदाज में मना रहे हैं। 

बंगाल में ममता बनर्जी की हार, राजस्थान के वीरेंद्र ने गधों को खिलाए 11 किलो गुलाब जामुन

पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत ने देशभर में सियासी माहौल गरमा दिया है। जहां एक तरफ राजनीतिक विश्लेषण जारी है, वहीं दूसरी ओर पार्टी कार्यकर्ता जीत का जश्न अपने-अपने अंदाज में मना रहे हैं। लेकिन राजस्थान के सिरोही से सामने आई एक तस्वीर ने इस जश्न को अलग ही रंग दे दिया ऐसा रंग, जिसमें मिठास के साथ संदेश भी छिपा है।

सिरोही में दिखा अनोखा जश्न

राजस्थान के सिरोही जिले में भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी कुछ हटकर अंदाज में मनाई। यहां ढोल-नगाड़ों या आतिशबाजी के बजाय बेजुबान जानवरों को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया।

चौहान और उनके साथियों ने गधों को 11 किलो गुलाब जामुन खिलाए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी हैं।

पहले लिया था संकल्प, फिर निभाया वादा

इस अनोखे जश्न के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। वीरेंद्र सिंह चौहान ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही एक संकल्प लिया था। उन्होंने घोषणा की थी कि अगर बंगाल में भाजपा की जीत होती है, तो वे समाज के सबसे उपेक्षित माने जाने वाले प्राणी गधों को मिठाई खिलाएंगे।

मंगलवार को जैसे ही जीत की तस्वीर साफ हुई, चौहान सीधे पशु सेवा संस्था पीएफए (People For Animals) पहुंचे। यहां अस्पताल में इलाज करा रहे गधों को उन्होंने अपने हाथों से गुलाब जामुन खिलाए और अपनी मन्नत पूरी की।

‘अन्त्योदय’ की सोच से जोड़ा कदम

वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस पहल को सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि एक विचारधारा से जुड़ा कदम बताया। उनका कहना था कि भाजपा की मूल सोच ‘अन्त्योदय’ पर आधारित है यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाना।

उन्होंने कहा, गधा एक ऐसा प्राणी है जिसे समाज में हमेशा उपेक्षित नजर से देखा गया है। हमारी कोशिश थी कि इस जीत की खुशी में उन बेजुबानों को भी शामिल किया जाए, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।”

उनके इस बयान ने इस जश्न को सिर्फ एक वायरल घटना से आगे बढ़ाकर एक वैचारिक संदेश में बदल दिया।

कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और चर्चा का माहौल

इस मौके पर निम्बाराम देवासी, जब्बर सिंह चौहान सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस अनोखे जश्न में भाग लिया।

घटना के बाद से यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कुछ लोग इसे मानवीय पहल बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक प्रतीकवाद के रूप में देख रहे हैं।

राजस्थान से बंगाल तक जुड़ा जश्न

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार और भाजपा की जीत का असर अब राजस्थान तक साफ दिखाई दे रहा है। सिरोही की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक राज्य के चुनाव परिणाम दूसरे राज्य में भी अलग-अलग रूपों में प्रतिक्रिया पैदा करते हैं।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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