मैनेजमेंट नहीं सुधरा तो फिर होंगे पेपर लीक; गहलोत ने सरकार को दी नसीहत
गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बताए उसने इस दिशा में नया क्या किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि OMR शीट घोटाले में पकड़े गए आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर पेपर लीक के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने कहा कि अगर भर्ती परीक्षाओं का मैनेजमेंट मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में भी पेपर लीक होते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल पेपर लीक के मामले इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि उनकी सरकार ने सख्त कानून बनाया था और भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए थे।
जयपुर स्थित सिविल लाइंस आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि वर्तमान सरकार जिस बात का श्रेय ले रही है, उसका आधार उनकी सरकार के दौरान किए गए सुधार हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ सजा का प्रावधान बना देने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि पूरी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी होता है।
‘हमने कानून बनाया, प्रोसेस बदली इसलिए रुके पेपर लीक’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लागू किया था। भर्ती प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए थे, जिसका असर आज देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में व्यवस्था कमजोर हुई तो फिर से पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।
गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बताए उसने इस दिशा में नया क्या किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि OMR शीट घोटाले में पकड़े गए आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
नकल विरोधी बिल पर भी जताई आपत्ति
लोकसभा में हाल ही में पारित नकल विरोधी कानून पर भी गहलोत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस तरह का बिल विपक्षी दलों से चर्चा और सहमति बनाकर लाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में उनकी सरकार पहले ही ऐसा कानून लागू कर चुकी थी, जिसमें नकल माफिया के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े प्रावधान शामिल थे। उनके मुताबिक सिर्फ सजा बढ़ा देने से अपराध पूरी तरह खत्म नहीं होते।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चोरी के खिलाफ भी कानून बने हुए हैं, लेकिन चोरी की घटनाएं आज भी होती हैं। इसलिए सबसे जरूरी बात है कि परीक्षा प्रणाली का संचालन पूरी पारदर्शिता और मजबूत मैनेजमेंट के साथ किया जाए।
‘अगली बार कांग्रेस की सरकार बनना तय’
राजनीतिक भविष्य को लेकर भी गहलोत ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता यह है कि मौजूदा सरकार जनता को बेहतर शासन दे।
उन्होंने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आज राजस्थान में सरकार के कामकाज की चर्चा हर गांव और हर घर में हो रही है। मुख्यमंत्री को खुद पता करवाना चाहिए कि यह चर्चा सकारात्मक है या नकारात्मक।
गहलोत ने कहा कि अगर सरकार इसी तरह चलती रही तो सबसे ज्यादा नुकसान जनता को होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पांच साल अच्छा शासन देती है तो कांग्रेस को इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जनता को सुशासन मिलना चाहिए।
राहुल गांधी के माइक बंद होने पर भी बोले
गहलोत ने संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के माइक बंद किए जाने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब भी लोकसभा में बोलने उठते हैं तो उनका माइक बार-बार बंद हो जाता है।
उन्होंने कहा कि भले ही स्पीकर यह कहें कि उनके हाथ में माइक का बटन नहीं होता, लेकिन सदन का संचालन उनकी देखरेख में ही होता है। गहलोत के मुताबिक माइक संचालन करने वाले अधिकारियों को जो निर्देश दिए जाते हैं, उसी के आधार पर कार्रवाई होती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तकनीकी बटन किसी और के पास हो सकता है, लेकिन फैसले संकेतों और निर्देशों के आधार पर ही लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह तथ्य है कि राहुल गांधी का माइक कई बार बंद हुआ है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।


