
स्कूल नहीं आना चाहती थी अमायरा, क्लासमेट्स के बयान से जांच टीम भी हैरान; जयपुर का नीरजा मोदी स्कूल फिर चर्चा में
नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग की टीम आज यानी गुरुवार को राज्य सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप सकती है।
नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग की टीम आज यानी गुरुवार को राज्य सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप सकती है। इस रिपोर्ट से पहले ही कुछ अहम और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले की दिशा को और गंभीर बना दिया है।
शिक्षा विभाग की टीम ने हाल ही में अमायरा की कक्षा में पढ़ने वाले कई छात्रों से पूछताछ की। इस दौरान दो बच्चों ने जांच टीम को बताया कि घटना वाले दिन अमायरा ने खुद कहा था कि वह स्कूल नहीं आना चाहती थी। यह बयान जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक 9-10 साल की बच्ची का अचानक स्कूल जाने से मना करना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं वह किसी मानसिक दबाव या परेशानी में थी।
अब जांच टीम इस बयान की पुष्टि के लिए अमायरा के माता-पिता और परिजनों से भी पूछताछ कर सकती है। यह जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या अमायरा हाल के दिनों में किसी तनाव में थी या स्कूल को लेकर उसके मन में कोई डर या असहजता थी।
अमायरा की मौत के बाद उसके परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल में अमायरा को लगातार बुली किया जाता था। बच्चों द्वारा उसे तंग किया जाता था, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार स्कूल प्रबंधन को दी थी। परिजनों का आरोप है कि सितंबर में और इससे एक साल पहले भी उन्होंने इस बारे में स्कूल को अवगत कराया था, लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। अगर जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो स्कूल प्रशासन पर बड़ी कार्रवाई संभव है।
जांच टीम के अध्यक्ष और जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) रामनिवास शर्मा ने शुरुआती जांच में बताया कि कुछ बच्चों द्वारा कक्षा में ‘बैड वर्ड’ यानी अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस संबंध में दो बच्चों ने क्लास टीचर से शिकायत भी की थी। सीसीटीवी फुटेज में टीचर को सभी बच्चों को समझाते हुए देखा गया है। यह भी सामने आया है कि अमायरा दो बार क्लास टीचर से मिलने गई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या किसी बच्चे ने अमायरा को अभद्र शब्द कहे थे या नहीं।
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को कहा था कि जांच टीम को रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो अतिरिक्त दिन दिए गए हैं। मंत्री ने साफ कहा था कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट आज सरकार को सौंपी जाएगी।
1 नवंबर को हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया था। नीरजा मोदी स्कूल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद अमायरा की मौत हो गई थी। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और सच छिपाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। अब सबकी नजर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर है, जो यह तय करेगी कि इस हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है—स्कूल प्रशासन, शिक्षक या कोई और?

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




