काम की बात : अलर्ट! अजमेर में रेल ब्लॉक, 11 ट्रेनें प्रभावित; कहीं कैंसिल तो कहीं लंबा रूट
राजस्थान के अजमेर मंडल में मदार-पालनपुर रेलखंड पर लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक यात्रियों के लिए परेशानी और अनिश्चितता का कारण बन गया है। रानी-खीमेल स्टेशनों के बीच ब्रिज संख्या 638 पर आरसीसी बॉक्स डालने के काम के चलते रेलवे ने ब्लॉक लिया

राजस्थान के अजमेर मंडल में मदार-पालनपुर रेलखंड पर लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक यात्रियों के लिए परेशानी और अनिश्चितता का कारण बन गया है। रानी-खीमेल स्टेशनों के बीच ब्रिज संख्या 638 पर आरसीसी बॉक्स डालने के काम के चलते रेलवे ने ब्लॉक लिया, जिसके बाद पूरे रेल नेटवर्क में अचानक बदलावों की स्थिति बन गई। इस तकनीकी काम ने कुल 11 ट्रेनों को प्रभावित किया है, जिसमें 2 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 8 ट्रेनों का रूट डायवर्ट और 1 ट्रेन को बीच रास्ते में रोका जा रहा है।
इस बदलाव ने खासकर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यात्रा को ‘सस्पेंस’ में डाल दिया है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखे थे, उन्हें अब या तो यात्रा रद्द करनी पड़ रही है या फिर बदले हुए रूट और बढ़े हुए समय के साथ सफर करना पड़ रहा है।
ब्रिज के काम ने रोका ट्रैक, सुरक्षा के चलते बड़ा फैसला
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, रानी और खीमेल स्टेशनों के बीच ब्रिज पर आरसीसी बॉक्स डालने का काम अत्यंत जरूरी था। इसी कारण ट्रैक पर ब्लॉक लेना पड़ा। रेलवे का कहना है कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सके।
हालांकि, इस काम का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। कई ट्रेनें अपने तय रूट से हटाकर दूसरे मार्गों से चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रा समय में बढ़ोतरी और स्टॉपेज में बदलाव हुआ है।
दो ट्रेनें पूरी तरह रद्द, यात्रियों में नाराजगी
इस ब्लॉक के चलते जोधपुर-साबरमती (14821) और साबरमती-जोधपुर (14822) ट्रेन को 17 अप्रैल को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इन ट्रेनों के कैंसिल होने से सैकड़ों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अचानक मिली इस जानकारी ने यात्रियों को असमंजस में डाल दिया है, खासकर उन लोगों को जो जरूरी काम से यात्रा करने वाले थे।
8 ट्रेनें बदले रूट पर, सफर हुआ लंबा और उलझा
रेलवे ने 8 ट्रेनों का रूट बदल दिया है, जिससे अब ये ट्रेनें अपने सामान्य मार्ग से हटकर दूसरे ट्रैक से गुजर रही हैं। श्रीगंगानगर-बांद्रा, हनुमानगढ़-दादर, भगत की कोठी-बांद्रा, बांद्रा-भगत की कोठी, बैंगलुरू-जोधपुर, हडपसर-जोधपुर, साबरमती-जम्मूतवी और साबरमती-जोधपुर ट्रेनें अब लूनी, भीलडी और महेसाणा रूट से चलाई जा रही हैं।
इन ट्रेनों के नए स्टॉपेज भी तय किए गए हैं, जिनमें पाटन, भीलडी, मारवाड़ भीनमाल, जालोर और समदड़ी जैसे स्टेशन शामिल हैं। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है और कई यात्रियों को बीच रास्ते में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एक ट्रेन बीच रास्ते रोकी जाएगी, बढ़ेगा इंतजार
साबरमती-ग्वालियर ट्रेन (22548) को भी इस ब्लॉक के चलते रेगुलेट किया गया है। यह ट्रेन पालनपुर-खीमेल के बीच करीब 20 मिनट तक रोकी जाएगी। हालांकि यह समय छोटा लग सकता है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा में यह देरी यात्रियों के पूरे शेड्यूल को प्रभावित कर सकती है।
सफर से पहले जरूर चेक करें ट्रेन स्टेटस
रेलवे ने यात्रियों को साफ तौर पर सलाह दी है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। क्योंकि ब्लॉक के चलते कई ट्रेनों के समय, रूट और स्टॉपेज में अंतिम समय तक बदलाव संभव है।
यात्रियों के लिए चुनौती भरा दिन
कुल मिलाकर, मदार-पालनपुर रेलखंड पर लिया गया यह ब्लॉक यात्रियों के लिए चुनौती भरा साबित हो रहा है। जहां एक ओर रेलवे इसे सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों के लिए यह सफर को अनिश्चित और परेशान करने वाला बना रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रेलवे इस स्थिति को कितनी जल्दी सामान्य कर पाता है और यात्रियों को राहत मिलती है या नहीं।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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