48.3 डिग्री की आग में झुलसा बाड़मेर; दुकानदारों ने बदला समय, उद्योग प्रभावित
राजस्थान के सबसे गर्म इलाकों में गिने जाने वाले बाड़मेर में इस बार गर्मी सिर्फ तापमान नहीं बढ़ा रही, बल्कि लोगों की जिंदगी और कारोबार की चाल भी बदल रही है। मई के महीने में कई दिन देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहने वाले बाड़मेर में हालात ऐसे हैं कि बाजार सुबह खुल रहे हैं

राजस्थान के सबसे गर्म इलाकों में गिने जाने वाले बाड़मेर में इस बार गर्मी सिर्फ तापमान नहीं बढ़ा रही, बल्कि लोगों की जिंदगी और कारोबार की चाल भी बदल रही है। मई के महीने में कई दिन देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहने वाले बाड़मेर में हालात ऐसे हैं कि बाजार सुबह खुल रहे हैं और दोपहर होते-होते सन्नाटा छा जा रहा है। दूसरी ओर, जिले की पहचान बन चुका अजरक प्रिंट उद्योग भी भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है।
12 मई को बाड़मेर का तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद से लगातार तेज गर्मी का असर शहर की रोजमर्रा की गतिविधियों पर साफ दिखाई देने लगा। अब नौतपा की शुरुआत के साथ लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
सुबह की रौनक, दोपहर का सन्नाटा
बाड़मेर के मुख्य बाजारों का दृश्य इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां सामान्य दिनों में दिनभर हलचल रहती थी, वहीं अब लोग सुबह जल्दी खरीदारी कर घर लौट जाते हैं। 10 बजे के बाद बाजारों में भीड़ लगभग गायब हो जाती है।
किराना व्यापारी दिनेश कुमार बताते हैं कि मई-जून में दुकान का समय बदलना मजबूरी बन जाता है। लोग सुबह जल्दी सामान लेने पहुंच जाते हैं लेकिन दोपहर में ग्राहकी लगभग खत्म हो जाती है। हालात ऐसे हैं कि कई बार दुकानदार भी दुकान बंद कर घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
“दिन में घर से निकलना मुश्किल”
स्थानीय निवासी विनोद का कहना है कि बाड़मेर की गर्मी हर साल कठिन होती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण महसूस हो रहे हैं। लोग अब अपनी दिनचर्या सुबह तक सीमित कर रहे हैं और दोपहर घरों में बिताना बेहतर समझ रहे हैं।
शहर की सड़कों पर भी असर साफ दिख रहा है। कई प्रमुख इलाकों—सर्किट हाउस, रॉय कॉलोनी रोड और बाल मंदिर रोड—पर दोपहर के समय सन्नाटा नजर आ रहा है। ट्रैफिक पुलिस के जवान तेज धूप में सिर पर कैप पहनकर ड्यूटी संभालते दिखाई दे रहे हैं।
अस्पतालों में तैयारी, लू को लेकर अलर्ट
बाड़मेर जिला अस्पताल ने भी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार लू और ताप संबंधी समस्याओं से आने वाले मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। लोगों को लगातार गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
वहीं समाजसेवी संस्थाएं शहर के अलग-अलग हिस्सों में छाछ और नींबू पानी की व्यवस्था कर रही हैं। नगर निगम ने भी सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी शेड लगाकर राहत देने की कोशिश शुरू की है।
अजरक उद्योग पर सबसे बड़ी मार
भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम जीवन तक सीमित नहीं है। बाड़मेर की पारंपरिक पहचान अजरक प्रिंट उद्योग भी इससे प्रभावित हुआ है।
अजरक प्रिंट से जुड़े फैक्ट्री संचालक राणामल खत्री बताते हैं कि गर्मी के कारण उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक घट गया है। भट्टी के पास लंबे समय तक काम करना मुश्किल हो जाता है, इसलिए सुबह 5 बजे से 10 बजे तक ही उत्पादन संभव हो पाता है।
उन्होंने बताया कि अजरक प्राकृतिक रंगों पर आधारित कला है। गर्मी के कारण पेड़ों और प्राकृतिक स्रोतों पर असर पड़ता है, जिससे रंग तैयार करने वाला कच्चा माल भी कम उपलब्ध हो रहा है। इसका सीधा असर उत्पादन और कारोबार पर पड़ रहा है।
अगले 5 दिन और भारी पड़ सकते हैं
मौसम विभाग ने 25 से 29 मई तक हीटवेव की आशंका जताई है। अनुमान है कि तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना रह सकता है। ऐसे में बाड़मेर के लिए आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
रेगिस्तान की इस तपिश ने सिर्फ पारा नहीं बढ़ाया है, बल्कि शहर की रफ्तार, कारोबार और लोगों की दिनचर्या तक को बदलकर रख दिया है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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