राजस्थान में एथेनॉल फैक्ट्री विवाद भड़का, बवाल के बाद लोगों ने गुरुद्वारे में ली शरण;घरों पर ताले,गोलियों के खोल दिखे

Dec 12, 2025 08:47 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, हनुमानगढ़
share Share
Follow Us on

हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणाधीन फैक्ट्री को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राठीखेड़ा गांव में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।

राजस्थान में एथेनॉल फैक्ट्री विवाद भड़का, बवाल के बाद लोगों ने गुरुद्वारे में ली शरण;घरों पर ताले,गोलियों के खोल दिखे

हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणाधीन फैक्ट्री को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राठीखेड़ा गांव में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। गुरुवार को किसानों और प्रशासन के बीच हुई दो दौर की वार्ता भी पूरी तरह विफल रही। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में 107 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बढ़ते तनाव के बीच इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं।

गुरुवार सुबह महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरुद्वारा सिंह सभा में गोलियों के खोल मीडिया के सामने दिखाए। उनका कहना है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान फायरिंग की। आरोपों के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कई परिवार घरों पर ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए। लगभग 30 परिवारों ने इलाके को खाली कर दिया है, जबकि कई लोग सुरक्षा के डर से गुरुद्वारा सिंह सभा में शरण लिए हुए हैं।

टिब्बी पहुंचे एडीजी वीके सिंह ने कहा कि 10 दिसंबर तक सबकुछ शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन बाहरी लोगों ने उपद्रव को भड़काया। उन्होंने दावे को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने संयम बरता है और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हालांकि, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने पुलिस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर पुलिस के हथियार जंग लगे नहीं होते, तो सैकड़ों लोग मारे जाते।” उन्होंने चेतावनी दी कि 17 दिसंबर को किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।

गुरुवार देर शाम माहौल शांत करने के लिए सादुलशहर से भाजपा विधायक गुरवीर सिंह बराड़ गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंचे और किसानों से बातचीत की, परंतु कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। दूसरी ओर, जोगाराम पटेल ने इस पूरे घटनाक्रम को “प्रायोजित हिंसा” बताया। उनका कहना है कि यह किसानों का आंदोलन नहीं था, बल्कि बाहरी तत्वों द्वारा भड़काया गया उपद्रव था। उन्होंने दावा किया कि करीब एक हजार लोग राजस्थान के बाहर से आकर फैक्ट्री में तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल हुए।

घटनाओं का सिलसिला 10 दिसंबर को शुरू हुआ, जब किसानों ने राठीखेड़ा गांव में फैक्ट्री की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश कर लिया था। प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस में आग लगा दी और इसके बाद पुलिस व ग्रामीणों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई थी। हिंसा में कांग्रेस विधायक समेत 70 से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायल प्रदर्शनकारियों ने डर के कारण रातभर गुरुद्वारा में ही शरण ली।

महिलाओं ने पुलिस पर ज्यादती के गंभीर आरोप लगाए हैं। परमजीत कौर ने बताया कि जब वह धरनास्थल से लौट रही थीं तो पुलिसवालों ने उनके बाल पकड़कर मारपीट की। अमरदीप कौर ने कहा कि उनके कपड़े फाड़े गए और उनके बेटे का सिर फट गया। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वे रातभर गुरुद्वारा में रही। एक अन्य महिला ने बताया कि पुलिस ने एक बुजुर्ग के साथ मारपीट कर उसकी पगड़ी तक उतार दी।

ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री शुरू होने से इलाके में प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित होगा और दमा, कैंसर व चर्म रोग जैसी बीमारियां फैलेंगी। महिलाएं कहती हैं कि “हमें सरकारी योजनाएं न दें, लेकिन साफ हवा और पानी तो चाहिए।”

16 महीने से लगातार चल रहे इस आंदोलन में ग्रामीणों की मांग है कि फैक्ट्री को यहां से हटाया जाए और उन्हें सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराया जाए।

स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और प्रशासन वार्ता के जरिए समाधान निकालने के प्रयास में जुटा है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;